
Chhattisgarh News: भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में लगातार दो दिन तक पार्टी के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की मैराथन बैठक संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने ली। बैठक में साय सरकार के संबंधित जिलों के मंत्री और सांसद भी मौजूद थे। बैठक में जिलों के पदाधिकारियों द्वारा मंत्रियों और सांसदों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई गई। इसके बाद संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रियों-सांसदों से कहा कि संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर जनहित में कार्य करें। बैठक में अलग-अलग जिलों की समीक्षा कर आगामी कार्ययोजनाओं और संगठनात्मक मजबूती को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। बुधवार को 17 जिलों के कार्यों की समीक्षा की गई।
जानकारी के अनुसार, बैठकों में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल, संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर चर्चा हुई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल और संगठन मंत्री पवन साय एक-एक जिले की बारीकी से समीक्षा की गई। इस दौरान संगठन की गतिविधियों, स्थानीय स्तर की चुनौतियों और जनप्रतिनिधियों से मिले फीडबैक पर भी चर्चा की गई।
बताया जाता है कि क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने प्रत्येक जिले के प्रभारी मंत्री के साथ जिलाध्यक्ष, संभाग प्रभारी-सहप्रभारी, जिला प्रभारी और विधायकों को बैठाकर फीडबैक लिया।
सूत्रों के अनुसार, अधिकतर जिलों के पदाधिकारियों ने प्रभारी मंत्रियों के सामने शिकायत की कि कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे हैं और अधिकारी संगठन की बात नहीं सुनते। प्रभारी मंत्रियों के जिलों में दौरे कम होने और बिजली बिल को लेकर जनता में नाराजगी का मुद्दा भी उठा। कुछ विधायकों ने कहा कि मंत्रियों को बार-बार पत्र लिखने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती।
इन शिकायतों पर जम्वाल ने मंत्रियों को दो टूक कहा कि वे नियमित रूप से प्रभार वाले जिलों का दौरा करें और जनता की जरूरतों को समझें। सूत्रों के अनुसार, करीब दो महीने पहले मुख्यमंत्री निवास में भी ऐसी बैठक हुई थी। अब संगठन एक बार फिर मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रहा है।