Sushasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 मई 2026 से सुशासन तिहार शुरू किया है। यह अभियान आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।
Sushasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 मई 2026 से राज्यभर में सुशासन तिहार की शुरुआत कर दी है। यह अभियान आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण ही सुशासन की आधारशिला है।
अभियान के पहले चरण में राज्य के सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि 30 अप्रैल तक सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसमें विशेष रूप से निम्नलिखित प्रकरणों पर जोर दिया गया है:
राजस्व प्रकरण: नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन
मनरेगा योजनाएँ: लंबित मजदूरी भुगतान
हितग्राहीमूलक योजनाएं: लंबित भुगतान
सार्वजनिक दस्तावेज़: आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र
सार्वजनिक सेवाएं: बिजली, ट्रांसफार्मर, पेयजल (हैंडपंप) समस्याओं का त्वरित समाधान
साथ ही पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में समाधान शिविर लगेंगे। इन शिविरों का आयोजन इस प्रकार किया जाएगा:
ग्रामीण क्षेत्र: 15–20 ग्राम पंचायतों के समूह में
शहरी क्षेत्र: वार्ड क्लस्टर आधारित
कार्यप्रणाली: मौके पर आवेदन स्वीकार, अधिकतम एक माह में आवेदन का निराकरण
लाभ: शासन की योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रत्येक आवेदक को आवेदन की स्थिति की जानकारी देना
जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों का निरीक्षण करेंगे और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे न केवल व्यवस्था की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि शासन और जनता के बीच भरोसा भी मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे:
विकास कार्यों का औचक निरीक्षण
हितग्राहियों से सीधा फीडबैक लेना
जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित करना
प्रेस वार्ता के माध्यम से जानकारी साझा करना
नागरिकों और सामाजिक संगठनों से सुझाव लेना
वृहद प्रचार-प्रसार से बनेगा जन आंदोलन
जनसम्पर्क विभाग और जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। डिजिटल, प्रिंट और स्थानीय माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक अपने आवेदन और शिकायत के त्वरित समाधान से लाभान्वित हो सके।
सुशासन तिहार 2026 का यह महाअभियान छत्तीसगढ़ में शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा वितरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आमजन को उनके अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और त्वरित रूप में उपलब्ध कराने के प्रयासों से राज्य में सुशासन की नींव और मजबूत होगी।