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Suspected Paneer Seized in Raipur: अमरकंटक एक्सप्रेस से आई 500 किलो पनीर की खेप जब्त, केंद्रीय मंत्री के फर्म होने का दावा

Fake Paneer Seized in Raipur: भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए रायपुर पहुंची करीब 500 किलो पनीर को खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच के लिए जब्त कर लिया। इस बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि जब्त की गई खेप एक केंद्रीय मंत्री के फर्म की है...
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Analog Paneer Raipur

500 किलो पनीर की खेप जब्त (फोटो सोर्स- पत्रिका)

500 Kg Fake Paneer Seized in Raipur: राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार को संदिग्ध पनीर की एक बड़ी खेप पकड़े जाने से हड़कंप मच गया। भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए रायपुर पहुंची करीब 500 किलो पनीर को खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच के लिए जब्त कर लिया। इस बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि जब्त की गई खेप एक केंद्रीय मंत्री के फर्म की है, हालांकि इस संबंध में अब तक किसी सक्षम सरकारी एजेंसी या जांच अधिकारी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम रेलवे स्टेशन पर मौजूद रही। चूंकि मामला रेलवे परिसर का था, इसलिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। अधिकारियों ने पूरी खेप को अपने कब्जे में लेकर उसके नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जब्त किया गया पनीर मानकों के अनुरूप है या प्रतिबंधित एनालॉग (संदिग्ध) पनीर की श्रेणी में आता है।

Paneer Seized in Raipur: 24 घंटे में 600 किलो संदिग्ध पनीर जब्त

रायपुर रेलवे स्टेशन पर पिछले 24 घंटे के भीतर करीब 600 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया गया है। इससे पहले लिंक एक्सप्रेस से अंबिकापुर भेजे जाने की तैयारी में रखी गई करीब 100 किलो पनीर की खेप भी अधिकारियों ने पकड़ी थी। इस तरह लगातार दूसरी कार्रवाई ने रेलवे के जरिए संदिग्ध पनीर की सप्लाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिना बुकिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंची पनीर की पेटियां

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 100 किलो पनीर की पेटियां बिना किसी वैध रेलवे बुकिंग के प्लेटफॉर्म तक पहुंच गई थीं। पेटियों पर न तो रेलवे का अधिकृत लेबल था और न ही कोई बारकोड मौजूद था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बिना बुकिंग इतनी बड़ी मात्रा में सामान प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचा।

संदिग्ध युवक हिरासत में, मोबाइल चैट से मिले अहम सुराग

मामले की जानकारी मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रांशु राय, निवासी कटनी (मध्य प्रदेश) बताया। प्रांशु ने अधिकारियों को बताया कि वह आशीष जायसवाल के कहने पर दो पेटियां, जिनमें करीब 100 किलो पनीर था, बिना बुकिंग के ट्रेन में चढ़ाने आया था।

जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से मिले चैट और संपर्कों में सौरभ शर्मा तथा आशीष जायसवाल के साथ पनीर सप्लाई से जुड़े कई रिकॉर्ड मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि रेलवे के जरिए लंबे समय से संदिग्ध पनीर की सप्लाई का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

लैब रिपोर्ट के बाद होगा बड़ा खुलासा

खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त की गई दोनों खेपों से नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि जब्त किया गया पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या प्रतिबंधित एनालॉग पनीर है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिबंध के बावजूद नहीं थम रही संदिग्ध पनीर की सप्लाई

गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद रेलवे के माध्यम से लगातार संदिग्ध पनीर की खेप पकड़े जाने से निगरानी व्यवस्था और सप्लाई नेटवर्क पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल दोनों मामलों की संयुक्त जांच जारी है। वहीं, जब्त 500 किलो पनीर को लेकर केंद्रीय मंत्री के फर्म की होने का जो दावा किया जा रहा है, उसकी भी जांच की जा रही है। इस दावे की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।