
रायपुर. छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली खबर आ रही है। बावजूद शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। हाल ही में राजनांदगांव में सामने आई 50 वर्षीय शिक्षक की करतूत ने प्रदेश को शर्मसार कर दिया। आरोपी शिक्षक न सिर्फ क्लास में बच्चिायों के साथ गंदी हरकत करता बल्कि बच्चियों को डरा धमका कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इसके अलावा कई ऐसी घटनाएं सामने आई है जिसकी वजह से लोगों को सरकारी विभाग के शिक्षकों पर से भरोसा उठता जा रहा है।
आपको बता दें कि दुष्कर्म व छेड़छाड़ की घटनाओं के अलावा स्कूलों में शराब सेवन कर आने, अपने कार्य में लापरवाही बरतने समेत अन्य शिकायतें साल दर साल बढ़ रही है। पिछले दो साल में ही छात्राओं से छेडख़ानी के दर्जनभर मामले भी सामने आ चुके हैं, जिससे परिजनों में विश्वास उठता जा रहा है।
एक-एक कर सामने आ रही शिक्षकों की गंदी हरकत
छात्र-छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान देने के साथ-साथ संस्कारवान बनाने वाले शिक्षक ही आज अपने कर्तव्य से भटक रहे हैं। वे स्कूलों में ऐसा कार्य कर रहे हैं, जो उनसे अपेक्षा नहीं की जा सकती है। शायद यही कारण है कि शिक्षकों की गंदी हरकतें एक-एककर सामने आ रही हैं। और तो और उनकी स्कूलों में मनमानी भी चल रही है, जिसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने परिजनों की भी चिंता बढ़ा दी है। इस साल गुरू पूर्णिमा के दिन शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सिहावा में शिक्षक विजय कुमार साहू ने एक छात्रा के साथ छेडख़ानी कर दी।
संस्था प्रमुख की लापरवाही
स्कूल में अनुशासन बनाने और शिक्षकों को कंट्रोल में रखने की जिम्मेदारी संस्था प्रमुख की रहती है। इसके अलावा उनका कार्य शिक्षकों के व्यवहार पर भी पैनी नजर रखना है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सिहावा में छात्रा से छेडख़ानी की जानकारी पहले से प्राचार्य को दे दी गई थी, लेकिन उन्होंने इस मामले को दबाना चाहा। परिजनों ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
यहां हुई छेडख़ानी
शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खिसोरा, शासकीय माध्यमिक शाला एकावरी, शासकीय हाईस्कूल दुगली, शासकीय माध्यमिक शाला डोंगरडुला, शासकीय माध्यमिक शाला पुरी, उमरगांव, कसपुर समेत अन्य गांवों के स्कूलों में छेडख़ानी के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें ज्यादातर स्कूल नगरी ब्लाक के हैं।
शराब पीकर आ रहे स्कूल
कई स्कूलों को शिक्षकों ने मयखाना बनाकर रख दिया हैं, जिससे छात्रों पर इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है। पिछले 31 मई 2017 को डीईओ ने शासकीय प्राथमिक शाला जुनवानी के प्रधानपाठक बीरसिंग वट्टी को शराब सेवन कर स्कूल आने की शिकायत मिलने पर निलंबित कर दिया था। निरीक्षण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला पीपरछेड़ी के प्रधानपाठक शैलेश कुमार अनुपस्थिति मिले।