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एचएमएस के नेताओं ने इंटक में विलय को बताया अफवाह

इंटक का सफाया हो चुका है। 2000 के बाद से भिलाई इस्पात संयंत्र में इंटक की स्थिति किसी से छुपी नहीं है।
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भिलाई

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Abdul Salam

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Updated: 3 Aug 2018, 5:43 PM IST

BHILAI

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भिलाई. इंटक में एचएमएस के विलय की बात को एचएमएस के प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष एचएस मिश्रा ने सिरे से खारिज किया है। वे इसे इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजीव रेड्डी का कुर्सी बचाने का चाल बताया। इस तरह के बयान से यूनियन के कार्यकर्ता गुमराह होते हैं। इंटक सिर्फ बीएसपी में ही नहीं बल्कि पूरे सेल में कमजोर हो रही है, जिससे उभरने के लिए दूसरी यूनियन का वे सहारा ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोल इंडिया में इंटक का सफाया हो चुका है। 2000 के बाद से भिलाई में इंटक की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। मिश्रा ने एचएमएस के राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू से सेल फोन पर चर्चा की। जिसमें उन्होंने कहा कि इंटक जैसे संगठन में कभी शामिल नहीं नहीं होंगे। इंटक ने इसके लिए कई बार राष्ट्रीय पदाधिकारियों के पास विलय के लिए मांग किया, जिसे एचएमएस ने नकार दिया।

एचएमएस ने की निंदा
उन्होंने कहा कि एचएमएस यूनियन इंडियन रेलवे, कोल इंडिया, भेल, पोर्ट एण्ड डाक जैसे सार्वजनिक उपक्रमों की प्रमुख व मान्यता प्राप्त यूनियन है। महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि देश में सेल के सभी यूनिटों में इंटक आपसी गुटबाजी से कमजोर हो रही है। यह बयान भिलाई के इंटक पदाधिकारियों ने कर्मियों को गुमराह करने के लिए दिया है। इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में लगातार इंटक कमजोर हो रही है, जिससे परेशान अध्यक्ष इस तरह के बयान दे रहे हैं।

एक जुट होने तैयार नहीं है यूनियन
एचएमएस के प्रेम सिंह चंदेल ने बताया कि राष्ट्रीय यूनियन को एक करने प्रयास करते हुए चेकऑफ सिस्टम को मजबूत करने व श्रमिकों के विषय पर सामूहिक संघर्ष करने जिससे सफलता मिले, कोशिश की गई। इसके लिए सीटू, इंटक ने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया। इससे एकता के प्रयास विफल हुए और प्रबंधन का हाथ मजबूत हुआ।