
Dr. Kunjbihari Sharma: छत्तीसगढ़ के जाने-माने रंगकर्मी और रंगमंच साधक डॉ. कुंजबिहारी शर्मा का निधन हो गया है। उनके जाने से प्रदेश की सांस्कृतिक और नाट्य दुनिया में गहरा शोक व्याप्त है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनके निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रख्यात रंगकर्मी और हबीब तनवीर सम्मान से अलंकृत डॉ. शर्मा का निधन अत्यंत दुखद है।
उन्होंने कहा कि डॉ. शर्मा ने अपनी संस्था ‘रूपक’ के जरिए रंगमंच को नई पहचान दी और अनेक बच्चों व युवाओं को अभिनय और नाट्यकला से जोड़कर सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों व शिष्यों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
डॉ. कुंजबिहारी शर्मा छत्तीसगढ़ के रंगमंच जगत का एक प्रतिष्ठित नाम थे। वे कई दशकों से नाट्य गतिविधियों से जुड़े रहे और उन्होंने प्रदेश में लोक और समकालीन रंगमंच के बीच सेतु का कार्य किया। उनकी संस्था ‘रूपक’ ने न केवल नाटकों का मंचन किया, बल्कि प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को रंगकर्म से जोड़ा। उन्हें रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘हबीब तनवीर सम्मान’ से सम्मानित किया गया था, जो छत्तीसगढ़ में रंगकला के क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
डॉ. शर्मा ने सामाजिक विषयों, लोकसंस्कृति और जनजीवन से जुड़े मुद्दों को अपने नाटकों में प्रमुखता दी। उनके निर्देशन और मार्गदर्शन में तैयार हुए अनेक कलाकार आज विभिन्न मंचों पर सक्रिय हैं। उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।