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25 साल का छत्तीसगढ़… रंग, संस्कृति और विकास की कहानी कहता राज्योत्सव 2025, जानें क्या कुछ हुआ खास..?

CG Rajyotsav 2025 Year Ender: साल 2025 का राज्योत्सव 5 दिन का हुआ। हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। मुख्य मंच के अतिरिक्त राज्योत्सव स्थल पर बने शिल्प ग्राम में भी करीब 1 हजार छत्तीसगढ़ी कलाकर अपनी अलग-अलग प्रस्तृति दिए।

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25 साल का छत्तीसगढ़... रंग, संस्कृति और विकास की कहानी कहता राज्योत्सव 2025, जानें क्या कुछ हुआ खास..?(photo-patrika)

25 साल का छत्तीसगढ़... रंग, संस्कृति और विकास की कहानी कहता राज्योत्सव 2025, जानें क्या कुछ हुआ खास..?(photo-patrika)

CG Rajyotsav 2025 Complete Report: छत्तीसगढ़ इस साल 2025 में अपने 25वें रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव को धूम-धाम तरीके से मनाने की तैयारी किया था। साल 2025 का राज्योत्सव 5 दिन का हुआ। हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। मुख्य मंच के अतिरिक्त राज्योत्सव स्थल पर बने शिल्प ग्राम में भी करीब 1 हजार छत्तीसगढ़ी कलाकर अपनी अलग-अलग प्रस्तृति दिए। समारोह में भजन सिंगर हंसराज रघुवंशी, बॉलीवुड सिंगर भूमि त्रिवेदी, आदित्य नारायण, अंकित तिवारी और अंतिम दिन कैलाश खेर अपनी आवाज का जादू बिखेरे।

राज्योत्सव का उद्घाटन 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। यही वजह है कि प्रधानमंत्री की गरिमा के अनुरुप पूरे कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं राज्योत्सव व प्रधानमंत्री से जुड़े अन्य कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को गंभीरत से कार्य करने की हिदायत दी।

CG Rajyotsav 2025 Complete Report: जानें कब किसकी हुई प्रस्तुति

छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर नवा रायपुर राज्योत्सव मेला स्थल पर 1 नवंबर से 5 नवंबर तक राज्योत्सव का भव्य आयोजन हो रहा है। महोत्सव में छत्तीसगढ़ की मिट्टी की महक लिए लोक कला और संस्कृति के मूर्धन्य कलाकारों को मंच पर प्रमुखता दी गई है। विशेष रूप से पद्मश्री से सम्मानित कलाकारों की प्रस्तुति आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी। कार्यक्रम प्रतिदिन 4 बजे से शुरू हुई।

1 नवंबर: पी.सी. लाल यादव (दूध मोंगरा गंडई), दुष्यंत हरमुख (रंग झरोखा), आरु साहू और चंद्रभूषण वर्मा (लोक मंच) और निर्मला ठाकुर (पुन्नी के चंदा) अपनी कला का प्रदर्शन करें।

2 नवंबर: पद्मश्री डोमार सिंह अपनी प्रसिद्ध केवट नाचा की प्रस्तुति देंगे। उनके साथ सुनील तिवारी (रंग झार), जितेंद्र कुमार साहू (सोनहा बादर), और जयश्री नायर ( चिन्हारी द गर्ल्स बैंड ग्रुप) भी मंच पर हुई।

3 नवंबर: इस दिन पद्मश्री उषा बारले द्वारा विश्व प्रसिद्ध पंडवानी का मंचन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राकेश शर्मा (सूफी गायन), महेंद्र चौहान एंड बैंड और तिलकराजा साहू (लोकधारा) की प्रस्तुति हुई।

4 नवंबर: कला केन्द्र रायपुर बैण्ड, रेखा देवार की लोकगीत, प्रकाश अवस्थी के लोकमंच की प्रस्तुति हुई।

5 नवंबर: पूनम विराट तिवारी रंग छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति देंगी, जबकि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

राज्योत्सव 2025 में बॉलीवुड के रंग

राज्योत्सव 2025 में बॉलीवुड और भक्ति संगीत के रंग भी खूब नजर आए। 1 नवंबर को प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से श्रद्धा और भक्ति का माहौल बनाया। 2 नवंबर को आदित्य नारायण की लाइव परफॉर्मेंस ने युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया।

3 नवंबर को भूमि त्रिवेदी ने अपनी सशक्त आवाज़ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं 4 नवंबर को अंकित तिवारी के भावनात्मक गीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा। समापन दिवस 5 नवंबर को कैलाश खेर की दमदार प्रस्तुति ने राज्योत्सव को यादगार बना दिया, जहां हजारों दर्शकों ने संगीत के इस महाकुंभ का आनंद लिया।

थीम : “विकसित छत्तीसगढ़ – समृद्ध संस्कृति, सशक्त नागरिक”

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 की थीम “विकसित छत्तीसगढ़ – समृद्ध संस्कृति, सशक्त नागरिक” राज्य की विकास यात्रा और सांस्कृतिक विरासत के संतुलित समन्वय को रेखांकित करती है। इस थीम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आधुनिक बुनियादी ढांचे, आर्थिक प्रगति और सुशासन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपराएं और जनजातीय पहचान राज्य की आत्मा हैं।

राज्योत्सव में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार से जुड़े प्रयासों को प्रदर्शित किया गया, वहीं जनभागीदारी को विकास की सबसे बड़ी ताकत के रूप में प्रस्तुत किया गया। लोकनृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों की व्यापक मौजूदगी ने यह दिखाया कि सशक्त नागरिक ही समृद्ध संस्कृति के वाहक हैं और यही सशक्त समाज विकसित छत्तीसगढ़ की नींव रखता है।

उद्घाटन एवं प्रमुख अतिथि

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 का भव्य उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, जबकि समारोह में केंद्र और राज्य स्तर के विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में राज्यपाल, मंत्रीमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से शामिल हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।

उद्घाटन समारोह की शुरुआत पारंपरिक मांदर-नगाड़ों की गूंज के साथ हुई, जिसने पूरे पंडाल को उत्सवमय माहौल में रंग दिया। इसके बाद आदिवासी नृत्यों और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और राज्योत्सव की थीम “विकसित छत्तीसगढ़ – समृद्ध संस्कृति, सशक्त नागरिक” को सजीव रूप में मंच पर उतार दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक

राज्योत्सव 2025 में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रमों की शुरुआत पंथी नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों को अपनी लयबद्ध चाल और सामूहिक तालमेल से मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद राउत नाचा और कर्मा-सुआ नृत्यों ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं और उत्सवों की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

आदिवासी जनजातीय नृत्यों के माध्यम से उनके रीति-रिवाज, जीवनशैली और सांस्कृतिक धरोहर को मंच पर जीवंत किया गया। लोकगीत और नाचा पार्टी प्रस्तुतियों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य का अनूठा संगम दर्शकों के सामने पेश किया। इसके अलावा, देश के नामचीन कलाकारों द्वारा दी गई संगीतमय प्रस्तुतियों ने युवाओं और परिवारों का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जिससे राज्योत्सव में सांस्कृतिक विविधता और आधुनिकता का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला।

विभागीय एवं विकास प्रदर्शनी

राज्योत्सव 2025 में शासन की विकास योजनाओं और नवाचारों को आम जनता के बीच पहुंचाने के लिए 30 से अधिक शासकीय विभागों ने विशेष प्रदर्शनी लगाई। इन प्रदर्शनी स्टॉलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास, उद्योग एवं रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस सहित विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।

स्टॉलों पर सरकार द्वारा लागू की गई नवीनतम परियोजनाओं, तकनीकी नवाचारों और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। जनता को इन प्रदर्शनी के माध्यम से योजनाओं की पहुंच, लाभ और उनके लाभार्थियों की कहानियों से अवगत कराया गया, जिससे लोगों में सरकारी सेवाओं के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ी। इस तरह यह विभागीय और विकास प्रदर्शनी राज्योत्सव का एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरी।

ग्रामीण उत्पाद और स्व-सहायता समूह

राज्योत्सव 2025 में ग्रामीण उत्पादों और महिला स्व-सहायता समूहों (SHG) की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित कोसा वस्त्र, बांस से बने उत्पाद और विभिन्न हस्तशिल्प प्रदर्शनी में सजाए गए, जिससे उनकी कला और कौशल को दर्शकों के बीच प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

इसके अलावा स्थानीय खान-पान के स्टॉलों ने “वोकल फॉर लोकल” अभियान को और सशक्त किया, जिससे छत्तीसगढ़ी व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को व्यापक पहचान मिली। इस पहल ने न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया, बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी विशेष सम्मान और प्रोत्साहन प्रदान किया।

युवा, रोजगार और स्टार्टअप फोकस

राज्योत्सव 2025 में युवाओं के सशक्तिकरण और रोजगार को केंद्र में रखा गया। इस अवसर पर युवाओं के लिए रोजगार मार्गदर्शन शिविर, कौशल विकास संबंधी जानकारी और स्टार्टअप आइडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से सरकार ने उन्हें नवाचार और उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित किया।

इसके साथ ही सरकारी भर्तियों और योजनाओं की जानकारी भी सीधे युवाओं तक पहुंचाई गई। इन पहलुओं के चलते राज्योत्सव में युवाओं की भागीदारी बहुत अधिक रही और उन्होंने सक्रिय रूप से विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जिससे यह आयोजन उनकी आकांक्षाओं और संभावनाओं का मंच बन गया।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं

राज्योत्सव 2025 के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई, ताकि आयोजन स्थल पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी रखी गई, जिससे सुरक्षा में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।

इसके साथ ही ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि आगंतुकों को सुगम और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित हो। महिला सुरक्षा के लिए विशेष हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की गई, जिससे महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षा बढ़ाई जा सकी। इन सभी सावधानियों और व्यवस्थाओं के चलते राज्योत्सव 2025 शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और आनंदमय तरीके से संपन्न हुआ।

राज्योत्सव 2025 में व्यापक जनभागीदारी और उत्साह

राज्योत्सव 2025 में जनभागीदारी की धूम देखने को मिली। तीन दिनों के आयोजन में लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने उत्साह और उमंग के साथ कार्यक्रमों का आनंद लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रदर्शनी स्टॉल और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर उत्सव की रौनक बढ़ाई। आम जनता की यह सक्रिय भागीदारी राज्योत्सव को न केवल सफल, बल्कि जीवंत और प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाई।

सम्मान एवं पुरस्कार

राज्योत्सव 2025 में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट पंचायतों को उनकी ग्रामीण विकास और समाज सेवा में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। नवाचार करने वाले किसानों को उनकी कृषि में नई तकनीकों और विधियों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा खेल, कला और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने वाले प्रतिभावान नागरिकों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे उनके प्रयासों और उपलब्धियों को सार्वजनिक मान्यता मिली।

छत्तीसगढ़ के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राज्योत्सव के समापन अवसर पर फिल्म निर्देशक अनुराग बसु समेत 41 लोगों को राज्य अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा, इस उत्सव में लोगों ने राज्य की समृद्ध संस्कृति और प्रभावशाली सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की झलक देखी।

उपराष्ट्रपति ने नक्सलवाद के खतरे को खत्म करने में राज्य की सफलता की सराहना की और इसका श्रेय पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह के दृढ़ नेतृत्व के साथ-साथ राज्य सरकार, सुरक्षा बलों और समुदायों के समर्पित प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में भय और हिंसा का स्थान विकास और विश्वास ने ले लिया है। उन्होंने कहा, शांति से बड़ा कोई विकास नहीं है। मैं इस विचार से जुड़े सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि अपने शास्त्र समर्पित कर मुख्यधारा में शामिल हो।

‘लखपति दीदी अब करोड़पति बनेंगी’

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन बुधवार को राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान महतारी वंदन और नियद नेल्लानार योजना के तहत 69 लाख 15 हजार हितग्राहियों को 647.28 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई। राधाकृष्णन ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ शब्द महिलाओं की स्वतंत्रता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा महिलाएं अब रुकेंगी नहीं, लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनेंगी।

उपराष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने राज्य गठन के प्रस्ताव पर संसद में वोट किया था। अब राज्य बिजली उत्पादन में देशभर में अग्रणी है और मुख्यमंत्री साय पीएम मोदी के पांच करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को साकार कर रहे हैं। राधाकृष्णन ने कहा कि राजनांदगांव में एक लाख से अधिक महिलाएं बिहान समूहों से जुड़ी हैं, जो आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने इसे मां बम्लेश्वरी की धरती पर महिला नेतृत्व का उदाहरण बताया।