
रायपुर . एटीएम में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए बैंक प्रबंधन की कोशिशें अब तक नाकाम साबित हुई है। जिले में लगभग 610 एटीएम है, लेकिन सभी एटीएम में पर्याप्त राशि के लिए व्यवस्था नहीं हो पा रही है। बैंक प्रबंधन द्वारा इनमें से कुछ एटीएम में ही राशि की व्यवस्था की जा रही है।
बैकिंग सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लगभग 10 से 15 फीसदी एटीएम में ही राशि डाली जा रही है। एटीएम में एक दिन के भीतर ही राशि खत्म होने की बड़ी वजह यह है कि दूसरे एटीएम में सूखे की स्थिति की वजह से ग्राहक गिने-चुने एटीएम पर ही निर्भर है। लगभग 30 से 37 लाख केपेसिटी वाले सभी एटीएम में नकदी के लिए कम से कम 10 लाख नकदी की आवश्यकता है, जिसके लिए कम से कम 61 करोड़ रुपए की जरूरत है, लेकिन वर्तमान में बैंकों को तीन से चार दिनों में 20 से 25 करोड़ की ही राशि मिल रही है। एक एटीएम में यदि 2000,500 और 100 रुपए के नोट भरे जाए तो कम से कम 37 लाख रुपए की राशि डाली जा सकती है, लेकिन शहर में कोई भी एटीएम क्षमता के मुताबिक नहीं भरा जा रहा है। एटीएम में इन दिनों 8 से 10 लाख रुपए की ही राशि डाली जा रही है, जिसकी बड़ी वजह 2000 रुपए के नोटों की कमी बताई जा रही है।
राजधानी में रिटेल और अन्य सेक्टर में पीओएस मशीनों की कमी की वजह से ग्राहक कैशलेस खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। इससे पहले एसबीआई ने दुकानों से बगैर किसी अतिरिक्त शुल्क केस पीओएस मशीन से 2000 रुपए की राशि निकालने की सुविधा देने का ऐलान किया था, लेकिन राजधानी में ऐसी सुविधाएं शुरू नहीं की जा सकी है।
एसबीआई के डीजीएम ब्रम्ह सिंह ने बताया कि एटीएम में लगातार नकदी की व्यवस्था की जा रही है। कुछ एटीएम जो खाली हैं, उसमें तकनीकी समस्या की वजह से परेशानी आ रही है। इसे जल्दी ही ठीक कर लिया जाएगा।