जंगली हाथियों को सेटेलाइट रेडियो कॉलर पहनाने वन अधिकारी ऑपरेशन गजराज को अंजाम देने में लगे है।
रायपुर . जंगली हाथियों को सेटेलाइट रेडियो कालर लगाने के लिए फुसेरा वन परिक्षेत्र में चलाए जा रहे में वन अधिकारी व दूसरे राज्य से आए विशेषज्ञ इन दिनों तीन कुमकी हाथियों के साथ ऑपरेशन गजराज को अंजाम देने में लगे हैं। गर्मी से सुबह 5 बजे से नौ बजे तक और शाम 5 बजे से 7 बजे तक चलने वाले इस ऑपरेशन में तीरथराम, परशुराम व योग लक्ष्मी को बोरिद के बाड़े से निकालकर फुसेरा में रखा गया गया ।
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इनकी मदद से जंगली हाथियों की घेराबंदी कर उसमें रेडियो कॉलर लगाया जाएगा । गौरतलब है कि पिछले दिनों एक जंगली हाथी को ट्रैंकुलाइज किया गया था, लेकिन रेडियो कॉलर नहीं लगाया जा सका था। जंगली हाथियों का दल अभी कुकेराडीह के बंजर और आसपास के गांव में भ्रमण कर रहा है। ग्रामीणों की सूचना व हाथियों के पद चिन्ह से विशेषज्ञों की टीम कुमकी हाथियों की मद्द से रणनीति तैयार कर घेराबंदी करते हैं। वन विभाग की टीम ने मुनादी कराकर ग्रामीणों से जंगली हाथियों की तुरंत जानकारी देने कहा है।
सिरपुर कैम्प के आसपास जंगली हाथियों का एक दल सक्रिय है। कुमकी के जरिए इन हाथियों को खदेडऩे की कोशिश नहीं की गई है। जंगली हाथियों का दल वनग्राम फुहेरा, पीड़ी, बरबसपुर, जलकी, जोबा, अवराई, बोरिद, कुकेराडीह आदि गांवों में फसल रौंद चुका है।
ऑपरेशन गजराज के तहत जंगली हाथियों का लोकेशन पता कर उनमें से एक हाथी को झुंड से अलग किया जाएगा, फिर ट्रैन्कूलाइज कर उसके गले में सेटलाइट रेडियो कॉलर लगाया जाएगा। इसके बाद महासमुंद और बलौदाबाजार जिले में विचरण करने वाले 18 हाथियों के दल पर एडवांस स्टडी की जाएगी।
महासमुंद डीएफओ आलोक तिवारी ने बताया, ऑपरेशन में तमिलनाडु, देहरादून, दिल्ली, उत्तराखण्ड के वन्य जीव विशेषज्ञ के साथ नंदनवन के वन्य जीव प्राणी चिकित्सक डॉ. जयकिशोर जाडिय़ा भी टीम में शामिल हैं। ऑपरेशन में कुमकी हाथियों की मदद ली जाएगी। जंगली हाथियों को रेडियो कॉलर पहनाने के बाद इनके मूवमेंट की पूरी सूचना वन विभाग को मिल सकेगी।