रायपुर। नौकरी ज्वॉइन करने पहुंचे, तब मामले का खुलासा हुआ। इसकी शिकायत पर टिकरापारा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
रायपुर। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर कई लोगों से धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने सुनियोजित ढंग से पीडि़तों से पैसे लिए। इसके बाद मंत्रालय बुलाकर उन्हें फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर दे दिया। नौकरी ज्वॉइन करने पहुंचे, तब मामले का खुलासा हुआ। इसकी शिकायत पर टिकरापारा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक हरीश ध्रुव राजिम का रहने वाला है। वर्ष 2024 में उसकी पहचान पत्थलगांव निवासी विश्वनाथ गुप्ता से हुई। विश्वनाथ ने उन्हें मंत्रालय में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा उनकी पत्नी तारा ध्रुव को ऑफिस असिस्टेंट, उसके रिश्तेदार मनोज ध्रुव को डेटा एंट्री ऑपरेटर, वाशनी ध्रुव, यामिनी ध्रुव को ऑफिस असिस्टेंट और डामनदास मानिकपुरी को भी चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके एवज में 5 लाख 50 हजार रुपए लिए। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में 6 लाख रुपए और दिए गए।
इसी तरह स्वप्निल दुबे को बेवरेज कॉर्पोरेशन में उप चेयरमैन बनाने के नाम पर 20 लाख रुपए लिए। इसके बाद दीपेश नवरंग ने सभी को मंत्रालय बुलाया। दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया। इसके बाद नियुक्ति पत्र भी दे दिया। जब नौकरी ज्वॉइन करने पहुंचे, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इसे फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर बताया।
इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। आरोपी विश्वनाथ गुप्ता, चंद्रमा गुप्ता और दीपेश ने नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए ले लिए, लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगवाई। इसकी शिकायत पर टिकरापारा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।