रायपुर

CG News: पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद बना आजीविका का साधन, कांसाबेल की महिलाओं ने स्वरोजगार की राह अपनाई

CG News: हरियाली स्व-सहायता समूह की 11 महिलाओं ने छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत किया है।
less than 1 minute read
• •
Updated: 11 Mar 2026, 1:59 PM IST
CG News: पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद बना आजीविका का साधन, कांसाबेल की महिलाओं ने स्वरोजगार की राह अपनाई

CG News: पारंपरिक कौशल, जैसे मिट्टी के बर्तन, कढ़ाई और लकड़ी का काम, स्थानीय सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के माध्यम से न केवल रोजगार प्रदान करता है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान योजना के तहत जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल गढ़ रही हैं। कांसाबेल विकासखंड के ग्राम सेम्हर कछार की हरियाली स्व-सहायता समूह की 11 महिलाओं ने छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत किया है।

समूह की सदस्य बालमुनि भगत ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला। पहले महिलाएं केवल घरेलू कामकाज तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अच्छी कमाई कर रही हैं। यह कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है। उन्होंने बताया कि यह न केवल एक व्यवसाय है, बल्कि यह परंपराओं, कौशल और सांस्कृतिक विरासत को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाता है।

महिलाओं ने बताया कि बिहान योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समूह के माध्यम से प्रशिक्षण, सहयोग और विपणन सुविधा मिलने से उनका उत्पाद अब स्थानीय हाट-बाजार और मेलों में लोकप्रिय हो चुका है। महिलाएं कहती हैं कि अब वे सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अपनी पहचान खुद बना रही हैं। समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से हम सशक्त और आत्मनिर्भर हो रहे हैं। हम महिलाओं के लिए हस्तशिल्प उत्पाद आय का मुख्य जरिया है, जो लाखों लोगों को, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है।

Updated on:
11 Mar 2026, 1:59 PM IST
Published on: