टैटूज की दीवानगी, करवा चौथ में महिलाएं पति के नाम का बनावाया है टैटू
रायपुर. मॉडर्न जमाने में आज सबकुछ एडवांस हो गया है। लोग जहां ट्रेडिशनल लुक को अपनाते थे वह बदलते समय के साथ फैशन में तब्दील हो गया है। बात छत्तीसगढ़ की करें तो गोदना आर्ट यहां की देन है। हजारों साल पहले से यहां की भील जनजाति द्वारा गोदना उकेरा जाता रहा है।
यहीं गोदना वक्त के साथ टैटू बन गया। टैटू आज पूरी दुनिया में फैशन और अट्रैक्शन का केंद्र बन गया है। एक रिपोर्ट की मुताबिक अमूमन शहरी क्षेत्र में 60 प्रतिशत युवा वर्ग टैटू बनवाए रहते हैं, वहीं 70 प्रतिशत लोग टैटू बनवाने की चाह रखते हैं। फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो चुकी है और बात टैटू की हो रही है तो ऐसे में रायपुर के लोग पीछे कैसे रह सकते हैं। शहर की गल्र्स और महिलाएं करवा चौथ पर पति के नाम के टैटू पसंद कर रहीं हैं।
रिस्ट टैटू स्पेशल
एक्सपर्ट का कहना है कि टैटूज में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं और अलग-अलग डिजाइन के टैटू की डिमांड लिए लोग आते हैं। इस बार करवा चौथ ऑकेशन पर वीमंस आ रही हैं जो पति के नाम का टैटू बनवा रही हैं। इन सबमें सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाली डिजाइन को रिस्ट यानी कलाई पर उकेरा जा रहा है। जिसमें परमानेंट और टैम्पेरेरी टैटू शामिल हैं।
मोर पंख टैटू खास
टैटूज की दीवानगी बहुत है। इस बार करवा चौथ पर ऐसी महिलाएं टैटू को पसंद कर रही हैं जिनका फस्र्ट टाइम व्रत है। प्रदीप ने बताया कि मोर पंख डिजाइन पर नाम लिखवाना काफी पसंद किया जा रहा है। इसमें तीन रंगों से युक्त डिजाइन पसंद की जा रही है। साथ ही टाइगर टैटूज को आम्र्स पर यूथ में ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
साइड रिस्ट पर चलन
टैटू को रायपुर में काफी पसंद किया जा रहा है। जिसमें स्पेशली महिलाएं करवा चौथ पर नाम क्रिएट करवा रही हैं। इसके अलावा साइड रिस्ट पर टैटू बनवाने का चलन ज्यादा हुआ है। जो परमानेंट और टैम्पेरेरी दोनों ही बनाए जाते हैं।
प्रदीप राठौड़, (प्रिंस टैटू )