
शिविर में तुरंत बना आयुष्मान कार्ड (photo source- Patrika)
Ayushman Card: Raipur जिले में शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अब तेजी से आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ये योजनाएं राहत और सुरक्षा कवच के रूप में उभर रही हैं। ‘प्रधानमंत्री वय वंदन योजना’ और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से लोगों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है।
Arang विकासखण्ड के ग्राम पंचायत Chhatera में ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में जिला स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत उपलब्ध कराना था।
इस शिविर में ग्राम छटेरा निवासी रुप राम चक्रधारी ने प्रधानमंत्री वय वंदन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सौंप दिया। कार्ड मिलने के बाद हितग्राही ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि अब बीमारी की स्थिति में इलाज के खर्च की चिंता नहीं रहेगी और इलाज पूरी तरह निःशुल्क हो सकेगा।
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस और निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या की कोई सीमा नहीं है और सरकारी के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा मिलती है। कैंसर, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी इस योजना में शामिल है।
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल और निःशुल्क है। नागरिक इसे निम्न तरीकों से बनवा सकते हैं:
आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर शामिल हैं।
‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है।
यह पहल दर्शाती है कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सीधे जमीन स्तर पर लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। रायपुर जिले में इस तरह के शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनते जा रहे हैं।
Updated on:
5 May 2026, 6:50 PM IST
Published on:
5 May 2026, 6:50 PM IST
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