रायपुर

करोड़ों की जमीन के कथित हस्तांतरण पर FIR के निर्देश, थाने में ही अटक गया आवेदन

Revenue Police Action: ग्राम कुर्रा की आदिवासी सेवा भूमि के कथित फर्जी हस्तांतरण मामले में तहसीलदार ने FIR के निर्देश दिए, लेकिन थाने में आवेदन आरोपितों के नाम और जानकारी स्पष्ट नहीं होने से अटक गया।
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Oct 06, 2026
Tribal Land Transfer
जमीन हस्तांतरण मामले में FIR का आदेश (Photo Source- Patrika)

विनोद जैन/Tribal Land Transfer: ग्राम कुर्रा की खसरा नंबर 941 की आदिवासी सेवा भूमि के कथित हस्तांतरण मामले में पुलिस और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। तहसीलदार कार्यालय ने 18 सितंबर 2026 को नवापारा थाने को पत्र भेजकर मामले में एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 22 सितंबर को थाने ने पत्र की प्राप्ति भी दे दी, लेकिन इसके बावजूद मामला थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे के संज्ञान में नहीं पहुंचा।

Tribal Land Case: आवेदन में केवल जमीन का रकबा लिखा

मामले की जानकारी लेने पर पहले आवेदन थाने से वापस ले जाने की बात सामने आई। इसके बाद नायब तहसीलदार लवण मंडन ने बताया कि आवेदन वापस नहीं लिया गया है। उनके अनुसार 18 सितंबर को पत्र भेजा गया था और 22 सितंबर को थाने से उसकी रिसीविंग मिली थी। सोमवार को पत्र की प्रति थाना प्रभारी को व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजकर उनके संज्ञान में मामला लाया गया।

करोड़ों की आदिवासी सेवा भूमि का मामला

वहीं थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे का कहना है कि आवेदन में केवल जमीन का रकबा लिखा है। एफआईआर किसके खिलाफ दर्ज की जाए, यह स्पष्ट नहीं है। इस कारण मंगलवार को तहसीलदार को प्रतिवेदन देकर आरोपितों के नाम और आवश्यक जानकारी स्पष्ट करने को कहा जाएगा। जांच के दौरान राजस्व अधिकारी की मौजूदगी में कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात भी कही गई है।

करोड़ों की जमीन के कथित हस्तांतरण पर FIR के निर्देश

थाना प्रभारी तक पत्र क्यों नहीं पहुंचा?

इधर, करोड़ों रुपये की मौजूदा कीमत वाली बताई जा रही इस जमीन को लेकर मामला पहले से ही गंभीर है। तहसील कार्यालय के पत्र में कथित फर्जी हस्तांतरण, कूटरचना, धोखाधड़ी और सक्षम अनुमति के बिना भूमि हस्तांतरण का उल्लेख है। दूसरी ओर, 3 अक्टूबर 2025 के शपथपूर्वक बयान में भूमि विक्रेता नोखेलाल नगारची ने फर्जी बिक्री से इनकार करते हुए परिवार के विवाह और इलाज के खर्च के लिए जमीन बेचने की बात कही थी।

22 सितंबर को रिसीविंग के बाद भी थाना प्रभारी तक पत्र क्यों नहीं पहुंचा? एफआईआर के निर्देश में आरोपितों के नाम क्यों स्पष्ट नहीं किए गए? करोड़ों की जमीन से जुड़े इस मामले में अब इन सवालों के जवाब तहसील और पुलिस की अगली कार्रवाई से सामने आएंगे।

Updated on:
06 Oct 2026 03:29 pm
Published on:
06 Oct 2026 03:29 pm