विभाग का कहना है कि वैसे तो देश भर में तापमान काफी ज्यादा रहने की संभावना है
नई दिल्ली/रायपुर. मौसम विभाग का कहना है कि छत्तीसगढ़ समेत उत्तर भारत में मार्च से मई तक इस बार तापमान पिछले 50 सालों की तुलना में सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहेगा। विभाग का कहना है कि वैसे तो देश भर में तापमान काफी ज्यादा रहने की संभावना है, लेकिन इन महीनों में उत्तर भारत में सबसे ज्यादा गर्मी रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा तापमान रह सकता है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा तापमान रह सकता है।
इन राज्यों में रहेगी ज्यादा गर्मी
मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश , बिहार, झारखंड, विदर्भ, गुजरात,जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, और अरुणाचल प्रदेश में तापमान औसत से 1.५ डिग्री या इससे अधिक ऊपर रह सकता है।
मुंबई में रंग दिखाने लगी गर्मी
मुंबई में गर्मी ने अपना असर अभी से दिखाना शुरू कर दिया है। जहां फरवरी के महीने में तापमान सामान्य रहता है, वहीं इस बार फरवरी के आखिरी दिनों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में आने वाले 48 घंटों में गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। आईएमडी मुंबई के वैज्ञानिक अजय कुमार का कहना है कि मुंबई में पिछले रविवार से ही तापमान ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को आईएमडी ने मुंबई के कोलाबा में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।
दिल्ली का होगा बुरा हाल
विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में तापमान और ज्यादा परेशान कर सकता है। दिल्ली और हरियाणा के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहने के अनुमान हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इसकी 52 प्रतिशत संभावना है कि मार्च से मई के बीच हीट वेव जोन में तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। इस जोन में दिल्ली समेत हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य आते हैं।
जनवरी-फरवरी में 63 प्रतिशत कम बारिश : मौसम विभाग के मुताबिक 2018 के पहले 2 महीने जनवरी और फरवरी के दौरान देशभर में औसत के मुकाबले करीब 63 प्रतिशत कम बरसात दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर जनवरी और फरवरी के दौरान देश में औसतन 41.4 मिलीमीटर बारिश होती है लेकिन इस बार सिर्फ 15.4 मिलीमीटर ही बारिश हो पाई है।
से ही बढ़ जाएगा एक डिग्री तापमान
प्रदेश में मार्च से ही तापमान में औसत १ डिग्री वृद्धि होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। बीते साल मार्च में अधिकतम तापमान ३७ डिग्री तक रहा। इस साल यह ३८ से ३९ के बीच हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक मार्च अंतिम तक लू भी चल सकती है। प्रशांत महासागर में अलनीनो के सामान्य स्तर पर होने के कारण यह बदलाव हो रहा है। प्रशांत महासागर में बनने वाला निम्न दाब का क्षेत्र उच्च दाब की ओर बढ़कर प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे प्रदेश में बरसात भी अच्छी होने की संभावना है।