हर आम व्यक्ति के पास होने वाला PAN CARD में बहुत से डिटेल छुपे हुए होते है। आपके निजी जानकारी के साथ - साथ बहुत सी चीज़ें आपके पैन कार्ड के नंबर में शामिल की जाती है। जानिये पैन कार्ड में दर्ज 10 अंक व अक्षर में क्या छुपे होते हैं।
रायपुर। हर नागरिक जिसकी उम्र 18 वर्ष से ज्यादा है उसके पास पैन कार्ड होना आम बात है। देश में पैन कार्ड एक जरूरी दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। पैन कार्ड में व्यक्ति की सभी वित्तीय जानकारी शामिल होती हैं, जो इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट के पास रिकॉर्ड की जाती है। इसका इस्तेमाल बैंक में खाता खुलवाने से लेकर, अधिक एमाउंट के ट्रांजेक्शन, डीमैट अकाउंट खोलने या फिर अन्य फाइनेंस संबंधी कार्य में इस्तेमाल किया जाता है । वहीं इसे पहचान पत्र के तौर पर भी उपयोग में ला सकते हैं। इसमें 10 अंक एवं अक्षर का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है, लेकिन क्या आपको पता है इन नंबरों का क्या मतलब होता है? क्या इसे बदल सकते हैं या नहीं? आइए जानते हैं क्या है इसका पूरा विवरण ......
इसलिए होते है 10 अल्फान्यूमेरिक नंबर
पैन आयकर विभाग द्वारा जारी किया गया दस अंकों का अद्वितीय अल्फ़ान्यूमेरिक नंबर है। यह लैमिनेटेड प्लास्टिक कार्ड के रूप में जारी किया जाता है। इसके पहले पांच नंबरों में से फर्स्ट तीन नंबर अल्फाबेटिक सीरीज जैसे- AAA to ZZZ में होते हैं, जिसे आयकर विभाग की ओर से तय किया जाता है। वहीं पैन का चौथा नंबर पैन धारक की स्टेटस के बारे में जानकारी देता है और यह बताता है कि पैन कार्ड किसके लिए है।
PAN का पांचवां अक्षर पैन धारक के अंतिम नाम या सरनेम के पहले अक्षर के बारे में जानकारी देता है। यह एक व्यक्ति के मामले में है, वहीं गैर-व्यक्तिगत पैन धारकों के मामले में पांचवां लेटर पैन कार्ड धारक के नाम का पहला लेटर प्रजेंट करता है। वहीं पैन कार्ड के बाकी के चार नंबर अंकों में होते हैं, जो 0001 से लेकर 9999 के बीच कुछ भी हो सकता है। इसके अलावा अंतिम 10वां लेटर चेक डिजिट होता है, जो कुछ भी हो सकता है।
कैसे बदले PAN CARD के नंबर
NSDL वेबसाइट के अनुसार, पैन कार्ड नंबर को केवल दो स्थिति में बदला जा सकता है। जब आप नए पैन कार्ड के लिए अप्लाई कर रहे हैं और उसमें नाम पता और अन्य जानकारी के संशोधन का अनुरोध करते हैं। इसके साथ ही अगर आप नया पैन कार्ड चाहते हैं जबकि आपके पास एक पैन पहले से ही मौजूद है तो पैन नंबर बदल जाएगा। लेकिन इस स्थिति में आपको पुराने पैन कार्ड को सरेंडर कराना पड़ेगा।