
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर राजधानी में प्रदूषण से ही जहर नहीं घुल रहा है, बल्कि हेट स्पीच करके भी लोग जहर घोल रहे हैं। इससे शहर की सद़भावना और कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। हेट स्पीच को सोशल मीडिया और ज्यादा घातक बनाकर पेश कर रहा है। इससे लोग धरना-प्रदर्शन, घेराव, शहर बंद जैसे कदम तक उठाने लगे हैं। पुलिस के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है।
शहर में हेट स्पीच के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें महापुरुषों से लेकर ईष्टदेव, समाज, वर्ग तक को टारगेट किया गया। हालांकि पुलिस ने ऐसे मामलों में एक्शन भी लिया है। इसके बावजूद लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इससे सोशल मीडिया से जुड़े युवाओं पर गहरा असर पड़ रहा है।
किसी महापुरुष, समाज, ईष्टदेव या परंपराओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी, भाषण, पोस्ट आदि जैसी हेट स्पीच सोशल मीडिया में आने के बाद तेजी से फैलती है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर, वाट्सऐप, इंस्टाग्राम आदि में तेजी से वायरल होती है। इसके बाद इसमें तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी होती हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बिरनपुर और बलौदाबाजार कांड से पहले सोशल मीडिया में इसी तरह का माहौल था।
दिसंबर 2021 में रायपुर में आयोजित धर्मसंसद के दौरान कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी को लेकर अभद्र टिप्पणी की। उनके खिलाफ टिकरापारा थाने में केस दर्ज हुआ।
अप्रैल 2023 में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सोशल मीडिया में नफरत भरे पोस्ट को लेकर एफआईआर दर्ज की थी।
सितंबर 2025 में आदेश सोनी ने गाय को लेकर एक विवादित बयान दिया था।
मई 2025 में फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी एक वर्ग को लेकर विवादित बयान दिया था। उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई।
नवंबर 2025 में कथावाचक आशुतोष ने सतनामी समाज को लेकर अभद्र टिप्पणी की। आशुतोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
नवंबर 2025 छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल ने सिंधी और अग्रवाल समाज को लेकर प्रतिकूल टिप्पणी की।
अक्टूबर 2025 रायगढ़ में गुरुघासीदास बाबा को लेकर प्रतिकूल टिप्पणी की गई।
नवंबर 2025 राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष डॉक्टर राज शेखावत ने रायपुर को लेकर फेसबुक में भड़काऊ वीडियो जारी किया।
रायपुर एसएसपी डॉक्टर लाल उमेद सिंह कहा की शहर में कानून व्यवस्था, शांति और सौहार्द बनाए रखने पुलिस हर संभव कदम उठाती है। हेट स्पीच करने वालों के खिलाफ पुलिस सत कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर की जाती है। सोशल मीडिया में ऐसे पोस्ट और कंटेंट के लिए सोशल मीडिया निगरानी सेल बनाया गया है। सेल ने अब तक हेट स्पीच, अश्लील कंटेंट आदि के करीब 200 पोस्ट डिलीट करवा दिए हैं।
हेट स्पीच को फैलने से रोकने के लिए गूगल के अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स आदि में रिपोर्ट की जा सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म रिपोर्ट के आधार पर हेट स्पीच को हटा देता है या कई बार इसका रिव्यू करता है।