
CG Monsoon Update: एक सप्ताह पहले तक प्रदेश में सबसे कम बारिश वाले जिलों में रायपुर पहले नंबर पर था, लेकिन 4 व 5 जुलाई को हुई मूसलाधार वर्षा के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब जिले में 298 मिमी पानी गिर चुका है, जो सामान्य से 8 फीसदी ज्यादा है। हालांकि पिछले चार दिनों से यहां बारिश नहीं हो रही है। ऐसा लग रहा है कि दो दिन की बारिश के बाद बादल थकान मिटा रहे हैं। इस कारण दिन का अधिकतम तापमान बढ़ रहा है और इससे गर्मी व उमस बढ़ गई है।
अगले 5 दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 13 जुलाई से प्रदेश में व्यापक वर्षा होने के आसार हैं। रायपुर जिले में 4 जुलाई तक महज 64.7 मिमी बारिश हुई थी। यह सामान्य से 68 फीसदी कम था। तब तक यहां 202.5 मिमी पानी गिर जाना था। दूसरे नंबर पर सरगुजा, तीसरे नंबर पर बेमेतरा व बिलासपुर तथा चौथे नंबर पर दुर्ग जिला था।
इन जिलों की स्थिति भी पूरी तरह बदल गई है। 4-5 जुलाई को प्रदेश में व्यापक बारिश हुई थी। इसके बाद प्रदेश में अब तक 252.4 मिमी पानी गिर चुका है। यह सामान्य से 21 फीसदी कम है। रायपुर जिले में केवल नगर निगम सीमा ही नहीं, बल्कि लाभांडी, अभनपुर, आरंग, गोबरा नवापारा, खरोरा, धरसींवा, माना एयरपोर्ट में अच्छी वर्षा हुई है।
रायपुर शहर में कंक्रीट का जंगल है, जिसका काफी विस्तार हो गया है। बिरगांव नगर निगम में भी यही हाल है। ये दोनों शहरी क्षेत्र हैं, जहां कंक्रीट का जंगल है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बारिश के लिए सिस्टम व हवा की दिशा दोनों महत्वपूर्ण है। रायपुर में अगर बारिश नहीं हो रही है तो अभनपुर, आरंग, गोबरा नवापारा, खरोरा में तो बारिश होनी चाहिए। ये ग्रामीण इलाके हैं। रायपुर के आउटर में स्थित लाभांडी के पास भी काफी ग्रीनरी है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर कम होने से प्रदेश में व्यापक वर्षा नहीं हो रही है।