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‘आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’, राम मंदिर चंदा विवाद में पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Congress Press Conference: रायपुर में कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब की मांग की।
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Ram Mandir Donation Controversy

कांग्रेस का केंद्र पर राम मंदिर चंदा चोरी का आरोप (photo source- Patrika)

Ram Mandir Donation Controversy: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल ने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भगवान राम के नाम पर जुटाए गए चंदे में कथित हेराफेरी हुई है और इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए।

पटेल ने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। ऐसे में उनके नाम पर जुटाए गए चंदे को लेकर उठ रहे सवाल केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है।

Ram Mandir Trust: 'आस्था के नाम पर राजनीति और लूट' का आरोप

कमलेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे का उपयोग पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया। उन्होंने इसे "आस्था के नाम पर राजनीति और लूट" करार देते हुए कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई नहीं है, तो निष्पक्ष जांच कराने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों को देश के सामने लाना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।

कांग्रेस ने उठाए तीन बड़े सवाल

प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस की ओर से तीन प्रमुख सवाल उठाए गए। यदि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ था, तो कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ, तो न्यास के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए? यदि कोई गड़बड़ी नहीं हुई, तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने से परहेज क्यों किया जा रहा है?

प्रधानमंत्री से जवाब देने की मांग

कांग्रेस ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर देश के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करें। पार्टी का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है, इसलिए इससे जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन और निर्णय पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक होने चाहिए।

FIR और गिरफ्तारी की भी मांग

कांग्रेस ने मांग की कि इस कथित मामले से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। पार्टी ने चंपत राय, अनिल मिश्रा तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।

Political News Chhattisgarh: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग

कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। इसके साथ ही पार्टी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का पुनर्गठन किया जाए। एक नया, पारदर्शी और जवाबदेह न्यास बनाया जाए। राम मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त चंदे, चढ़ावे और सभी खर्चों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए। ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक कर श्रद्धालुओं के सामने पूरी जानकारी रखी जाए।

दीपक बैज ने भी भाजपा पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी प्रेसवार्ता में भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को संरक्षण दिया है।बैज ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है तथा चाहती है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो, ताकि देश की जनता के सामने सच्चाई आ सके।