
रायपुर . रिश्वत लेने वाली पटवारी पूनम शर्मा और उसके सहयोगी गंगा प्रसाद को 4 साल की कैद और 6 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। आरोपी ने ऋण पुस्तिका बनाने के एवज में 2000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत पर एसीबी ने उसे रंगे हाथों पकड़ा था।
जांच एजेंसी की ओर से अदालत में 10 गवाह और 42 पन्नों का अभियोग पत्र पेश किया गया था। इसके आधार पर विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विवेक कुमार वर्मा ने को इसका फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक मिथलेश वर्मा ने बताया कि तिल्दा स्थित ग्राम ओटगन निवासी ने कृषक ईश्वर पाल ने अपनी जमीन की ऋण पुस्तिका बनाने के आवेदन किया था। इस सिलसिले में उसकी मुलाकात तिल्दा के तहसील कार्यालय में पदस्थ पटवारी पूनम शर्मा प्रोफेसर कॉलोनी रायपुर निवासी से हुई। उसने 2000 रुपए की डिमांड की।
इसकी शिकायत पीडि़त ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) कार्यालय में की। इसका परीक्षण करने के बाद प्रार्थी को रकम के साथ 30 नवम्बर को भेजा गया था। लेकिन, पटवारी ने यह रकम कोटवार के लड़के गंगाप्रसाद के देने कि लिए कहा। रिश्वत की रकम लेते ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में उसके जेब से रकम भी बरामद की गई।
एसीबी ने दोनों ही आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर अदालत में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।