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कंबल वाले बाबा के भक्त हैं गृह मंत्री, बोले – किसी पर आस्था रखना बुरी बात नहीं

मंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दबाव में आत्महत्या नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे निजी और पारिवारिक कारण हो सकते हैं।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 1 Dec 2017, 2:52 PM IST

CG home minister Ramsewak Paikra

कंबल वाले बाबा के भक्त हैं गृह मंत्री, बोले - किसी पर आस्था रखना बुरी बात नहीं

रायपुर . गृह एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मंत्री रामसेवक पैकरा डायबिटीज का इलाज एक कंबल वाले बाबा से करा रहे हैं। इस बावत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कंबल वाले बाबा के चत्मकार से बहुत से लोगों को लाभ हुआ है। लोगों की आस्था को देखते हुए वह भी बाबा के पास गए थे। उन्हे पांच बार बुलवाया गया था। लेकिन, वह 2 बार ही जा पाए। उन्होंने विज्ञान के युग में झाड़-फूंक को बढ़ावा दिए जाने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि किसी पर आस्था रखना बुरी बात नहीं है।

निजी कारणों से आत्महत्या कर रहे जवान

गृह मंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दबाव में आत्महत्या नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे निजी और पारिवारिक कारण हो सकते हैं। इसके लिए विभागीय स्तर पर मंथन किया जाएगा। उन्होंने गरियाबंद के सूपेबेड़ा में दूषित पानी से किडनी की बीमारी और लोगों की मौत की बात भी नकार दी। उनका दावा था कि सुपेबेड़ा का पानी अच्छा है और उसमें कोई खराबी नहीं है।

सुपेबेड़ा में खराब पानी से मौत भी नकारी

पीएचई के अधिकारियों की टीम ने वहां का दौरा करने के बाद इसकी रिपोर्ट उन्हें सौंपी थी। गृहमंत्री नवीन विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। विभाग की 14 वर्ष की उपलब्धियां गिनाने आए मंत्री के सामने बस्तर में जवानों की आत्महत्या की भयावह आंकड़ों के बारे में सवाल हुए थे। वहीं गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा में गुर्दे की बीमारी में दूषित पानी की भूमिका पर भी सवाल हुए।

आदिवासी प्रताडऩा का आरोप भी नकारा
गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया कि पुलिस जांच के नाम पर आदिवासियों को प्रताडि़त कर रही है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वह अपना काम कर रही है। अपराधियों और माओवादियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इससे कारण माओवादी पुलिस पर आरोप लगातार उन्हें बदनाम कर रही है। पैकरा ने दावा किया, 2022 तक बस्तर से माओवादियों का सफाया कर लिया जाएगा।