अपनी बेटी को सहेली के पास छोड़कर जाने वाली महिला अब उसे पाने के लिए तड़प रही है। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी
रायपुर. अपनी बेटी को सहेली के पास छोड़कर जाने वाली महिला अब उसे पाने के लिए तड़प रही है। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी उसकी बेटी अब भी उससे दूर है। उनकी परेशानी और तकलीफ की वजह अफसरशाही है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते बच्ची अपने परिजनों तक नहीं पहुंच पा रही है। 4 साल की मासूम का नाम प्रिंसी है।
रायपुर में रहने वाली सबीना (परिवर्तित नाम) की 15 साल की उम्र में गुजरात के ग्राम गाबत के तारासिंह से हो गई थी। दोनों की बेटी प्रिंसी है, जिसकी उम्र करीब 4 साल है।एक साल पहले तारासिंह की मौत हो गई। इसके बाद सबीना अपनी बेटी प्रिंसी को लेकर वापस रायपुर आ गई। इस दौरान सबीना का अपने पड़ोस के एक युवक से प्रेम संबंध हो गया। करीब तीन माह पहले वह उस युवक के साथ सांकरा चली गई। इस दौरान उसने प्रिंसी को अपनी सहेली के पास छोड़ दिया था।
इसकी जानकारी उसकी बहन को हो गई। उसने बच्ची को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया। सीडब्ल्यूसी ने बच्ची को मातृछाया भेज दिया। उसकी मां रायपुर लौटी, तो बेटी को मातृछाया से वापस पाने के लिए सीडब्ल्यूसी और महिला बाल विकास विभाग के चक्कर लगा रही हैं।
लावारिस या अनाथ बच्चों के रूप में मातृछाया या अन्य आश्रम में आए बच्चों के वारिस मिल जाते हैं, तो बच्चे से रिश्ता संबंधी व निवास-पहचान संबंधी आवश्यक दस्तावेजों लेने के बाद 15 दिन के भीतर बच्चों को परिजनों को सौंप दिया जाता है। इसके लिए दोनों जिलों के सीडब्ल्यूसी अधिकारी और पुलिस की उपस्थिति आवश्यक रहती है। प्रिंसी के मामले में भी पूरी प्रक्रिया हो चुकी है, केवल बच्ची को परिजनों को सौंपना हैं। लेकिन 3 माह बाद भी यह प्रक्रिया नहीं हो पाई है।
पूरी हो चुकी है औपचारिकता
प्रिंसी का जन्म गुजरात में हुआ है। उसका जन्मप्रमाण पत्र, उसकी मां की आइडी व अन्य सभी दस्तावेज गुजरात के ग्राम गाबत के हैं। और बच्ची के परिजनों के रूप में उसकी दादी व अन्य रिश्तेदार भी वहीं हैं। इस कारण महिला बाल विकास विभाग गुजरात के ग्राम गाबत से संबंद्ध जिले के सीडब्ल्यूसी को बच्ची सौंपना चाहती है। प्रिंसी की मां और उसके परिजनों ने सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग में जमा कर दिए हैं। इसके बाद भी प्रिंसी को उसके परिजनों के पास नहीं भेजा रहा है। इससे उसके परिजन खासे परेशान हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि रायपुर आज ही ज्वाइनिंग दी है। मामले की पूरी जानकारी लेकर तत्काल उचित कदम उठाया जाएगा। बच्ची को नियमानुसार उनके परिजनों को सौंपा जाएगा।