रायपुर

Millet Cart Yojana: महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा मिलेट कार्ट, स्वरोजगार का नया अवसर

Millet Cart Yojana: छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सीएसवीटीयू-फोर्टे और आरईसी फाउंडेशन ने मिलेट कार्ट योजना शुरू की है।

2 min read
Mar 12, 2026
मिलेट कार्ट से बदलेगी महिलाओं की तकदीर (photo source- Patrika)

Millet Cart Yojana: छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू), भिलाई की सीएसवीटीयू फाउंडेशन फॉर रूरल टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीएसवीटीयू-फोर्टे) ने आरईसी फाउंडेशन, आरईसी लिमिटेड, नई दिल्ली के सहयोग से मिलेट मिशन इनिशिएटिव के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेट कार्ट उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना और पोषक अनाज मिलेट (श्रीअन्न) के उपयोग को जन-जन तक पहुंचाना है।

ये भी पढ़ें

Ready to Eat Scheme: जिले में बनेगा रेडी-टू-ईट हब, 10 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में तैयार होगा पौष्टिक भोजन

Millet Cart Yojana: 21 मार्च तक आवेदन

योजना के तहत दिए जाने वाले मिलेट कार्ट एक मोबाइल फूड यूनिट के रूप में कार्य करेंगे, जिनके माध्यम से महिला स्व-सहायता समूह मिलेट आधारित खाद्य उत्पाद, पौष्टिक स्नैक्स और पेय पदार्थों का निर्माण एवं विक्रय कर सकेंगे। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वस्थ एवं मिलेट समृद्ध छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इच्छुक महिला स्व-सहायता समूह www.csvtuforte.com से आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं। आवेदन 21 मार्च तक कर सकते हैं। पहले चरण में देंगे 72 कार्ट, पूरी मदद भी करेंगे: सीएसवीटीयू फोर्ट के डायरेक्टर डॉ आरएन पटेल ने बताया कि महिला समूह को दो चरणों में कार्ट दिए जाएंगे। इस साल जहां 72 कार्ट दिए जाएंगे। वही अगले साल बाकी 36 कार्ट दिए जाएंगे।

Millet Cart Yojana: महिला समूह इडली की रॉ मटेरियल भी खुद तैयार कर रहे

महिला समूह को कार्ट के अलावा ट्रेनिंग, मार्केटिंग, रेसिपी सिखाने और लोकेशन देखने तक में मदद करेंगे। कार्ट में 15 प्रकार की मशीन और बर्तन भी दिए जाएंगे। कार्ट दो मीटर बाय 1 मीटर साइज का है, जिसे बनाने में लगभग एक लाख का खर्च आया है। सभी महिला समूह को कार्ट देने के बाद एक सहकारिता समूह बनाया जाएगा और सहकारिता योजना से सभी को जोडक़र लाभ भी दिलाएंगे। इसके अलावा कार्ट में उपयोग होने वाले डोसा, इडली की रॉ मटेरियल भी खुद तैयार कर रहे हैं। जिन्हें सभी को दिया जाएगा।

Updated on:
12 Mar 2026 08:56 am
Published on:
12 Mar 2026 08:55 am
Also Read
View All

अगली खबर