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World Intellectual Property Day 2026: पेटेंट में चमके संस्थान, पर राज्य की रफ्तार धीमी… IIT 71, NIT 43, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

World Intellectual Property Day 2026: एक ओर IIT भिलाई, NIT रायपुर और IIIT नया रायपुर जैसे संस्थान पेटेंट फाइलिंग में लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य की ओवरऑल बौद्धिक संपदा (IP) ग्रोथ अब भी उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं हो पाई है।

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रायपुर

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Khyati Parihar

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ताबीर हुसैन

Apr 26, 2026

वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डे (फोटो सोर्स- पत्रिका)

वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डे (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर @ताबीर हुसैन। World Intellectual Property Day 2026:छत्तीसगढ़ में इनोवेशन की रफ्तार अब संस्थानों के आंकड़ों में दिखने लगी है। आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर और ट्रिपलआईटी नया रायपुर जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थानों ने पेटेंट फाइलिंग में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। लेकिन इन सफलताओं के बावजूद राज्य की ओवरऑल बौद्धिक संपदा स्थिति उतनी मजबूत नहीं दिखती, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह ग्रोथ सीमित दायरे तक ही सिमट कर रह गई है? राज्य के प्रमुख तकनीकी संस्थानों ने पेटेंट के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

आईआईटी भिलाई ने महज 3.5 साल में 71 पेटेंट फाइल कर तेज रफ्तार दिखाई है। वहीं एनआईटी रायपुर में 2015 से अब तक 43 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं। ट्रिपलआईटी नया रायपुर भी इस दौड़ में पीछे नहीं है और अब तक 16 पेटेंट अपने नाम कर चुका है।

World Intellectual Property Day 2026: आंकड़े मजबूत, लेकिन तस्वीर अधूरी

इन उपलब्धियों के बावजूद राज्य का ओवरऑल आईपी इंडेक्स मजबूत नहीं है। स्टार्टअप पॉलिसी 75 प्रतिशत तक पेटेंट सब्सिडी और सरकारी सहयोग के बावजूद आइडियाज को बड़े स्तर पर पेटेंट या ट्रेडमार्क में बदलने की रफ्तार सीमित है। यानी कुछ संस्थान आगे बढ़ रहे हैं लेकिन व्यापक स्तर पर पेटेंट कल्चर अब भी विकसित नहीं हो पाया है।

इनोवेशन हो रहा, आईपी कन्वर्जन नहीं

ट्रिपलआईटी नया रायपुर के डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. व्यास के मुताबिक राज्य में आइडिया तो बन रहे हैं, लेकिन उन्हें कानूनी सुरक्षा देने की प्रक्रिया तक नहीं ले जाया जा रहा। उन्होंने ट्राइब कनेक्ट प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए बताया कि यह लैब में सफल है, लेकिन इसे जमीनी स्तर तक ले जाना अभी बाकी है।

पेटेंट को मिले अकादमिक पहचान

डॉ. व्यास का सुझाव है कि पेटेंट को रिसर्च पब्लिकेशन की तरह महत्व दिया जाना चाहिए। पेटेंट फाइलिंग, कॉपीराइट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को फैकल्टी और स्टूडेंट के मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाए तभी बौद्धिक संपदा को लेकर गंभीरता बढ़ेगी।

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