
रायपुर@राहुल जैन। Chhattisgarh Labour Code 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम-2026 लागू कर श्रमिकों और मजदूरों के कई अहम अधिकार स्पष्ट कर दिए हैं। अब सामान्य कार्यदिवस 8 घंटे का होगा, सप्ताह में 48 घंटे से अधिक नियमित काम नहीं कराया जा सकेगा और हर कर्मचारी को कम से कम एक दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। यदि अवकाश के दिन काम कराया जाता है तो नियमों के अनुसार ओवरटाइम दर से भुगतान करना होगा और बदले में वैकल्पिक छुट्टी भी देनी होगी।
नए नियमों में ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान की जिम्मेदारी भी मजबूत की गई है। जिस संस्थान में ठेका श्रमिक काम कर रहे हैं, वहां का मालिक या कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि ठेकेदार को समय पर भुगतान मिले, ताकि मजदूरों की मजदूरी नियत तिथि पर अटके नहीं। नियमों में यह भी तय किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी के वेतन से अधिकृत कटौतियां 50 प्रतिशत से ज्यादा हो जाती हैं तो अतिरिक्त राशि एक साथ नहीं काटी जा सकेगी। उसे अगले महीनों में किस्तों में समायोजित किया जाएगा और किसी भी महीने में कुल कटौती वेतन के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
संस्थान को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना होगा।
एक महीने में 50 फीसदी से ज्यादा कटौती नहीं।
अधिक कटौती अगले महीनों में किस्तों में समायोजित होगी।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुताबिक, नई मजदूरी संहिता में श्रमिकों के हितों के लिए राज्य स्तर पर नियम तय किए गए हैं। इससे राज्य में श्रमिकों के वेतन संबंधी अधिकारों के संरक्षण तथा नियोक्ताओं की वैधानिक जिम्मेदारियों का एक व्यवस्थित कानूनी आधार मिलेगा।