World Veterinary Day: रायपुर का राज्य स्तरीय रेफरल पशु चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होकर मवेशियों के जटिल ऑपरेशन और दिल की बीमारियों के इलाज का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
World Veterinary Day: ताबीर हुसैन. छत्तीसगढ़ के रायपुर में अब मवेशियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक हब के रूप में उभर रही है। पंडरी स्थित राज्य स्तरीय रेफरल पशु चिकित्सालय में सुविधाओं का विस्तार करते हुए इसे उन्नत मशीनों से लैस किया गया है। अब यहां न केवल जटिल सर्जरी, बल्कि मवेशियों के दिल की बीमारियों का इलाज भी संभव हो सकेगा।
विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर अस्पताल प्रबंधन ने इन नई सुविधाओं को पशुपालकों के लिए समर्पित किया है।अस्पताल में एक महीने पहले ही 29 लाख रुपए की लागत वाली आधुनिक सोनोग्राफी मशीन स्थापित की गई है। इसके साथ ही यहां ईसीजी मशीन भी उपलब्ध है, जिससे मवेशियों के हृदय संबंधी विकारों की सटीक पहचान की जा सकेगी।
एक्सरे की सुविधा यहां पहले से मौजूद है, हालांकि बड़े मवेशियों के भारी वजन को देखते हुए सुविधाओं को और अपग्रेड किया जा रहा है। संक्रमण रोकने के लिए उच्च क्षमता वाली स्टेरिलाइजेशन मशीन भी लगाई गई है, जो सर्जरी के दौरान बैक्टीरिया और वायरस के खतरे को शून्य करती है।
प्रभारी उपसंचालक डॉ. दीपक चंद्राकर के अनुसार, यह एक रेफरल सेंटर है, जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों से गंभीर रूप से बीमार मवेशियों को भेजा जाता है। अस्पताल में छोटे और बड़े दोनों प्रकार के मवेशियों के लिए अलग-अलग 'हार्डकोलिक' ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध हैं। इसी परिसर में स्थित स्टेट डिजीज इन्वेस्टिगेशन लेबोरेट्री में पशुओं की उन्नत जांच की जा रही है।
अस्पताल की लैब में वर्तमान में सीबीसी, बायोकेमिस्ट्री, इलेक्ट्रोलाइट और हार्मोनल जांच की जा रही है। गंभीर बीमारियां जैसे बर्ड फ्लू और एंथ्रेक्स की जांच भी यहीं की जाती है। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एके तपसी ने बताया कि आने वाले समय में यहां आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा शुरू होने वाली है।
इसके लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। इस सुविधा के आने के बाद पशुओं में फैलने वाले संक्रामक रोगों और वायरस का पता बहुत कम समय में लगाया जा सकेगा, जिससे समय रहते महामारी को रोका जा सकेगा।