
रायसेन. महिला एंव बाल विकास विभाग द्वारा स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान शहर के कई हिस्सों में जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जहां महिलाओं को पोषण आहार से संबंधित जानकारी दी जा रही है। अगर आप अभी अभी मां बनीं हैं तो इस शिविर में आपको स्तनपान से संबंधित सभी तरह की जानकारी मिलेगी। जो आपके और बच्चे के लिए लाभकारी है।
शासकीय स्वामी विवेकानंद डिग्री कॉलेज में भी स्तनपान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं के लिए क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया गया। इस सेमिनार में महिला एवं बाल विकास विभाग के संभागीय संयुक्त् संचालक स्वर्णिमा शुक्ला, जिला महिला एंव बाल विकास अधिकारी आरपी त्रिपाठी, परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्ञानेश खरे, कॉलेज की प्राचार्या डॉ. इशरत खान सहित छात्राएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं, रसोईयाओं, सुपरवाइजर, पर्यवेक्षक अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में संभागीय संयुक्त संचालक स्वर्णिमा शुक्ला ने कहा कि शिशु के जन्म के बाद माताओं को स्तनपान जरूर कराया जाना चाहिए। क्योंकि मां का दूध बेहद ही गुणकारी होता है। इस दूध के पिलाने से बच्चों में मानसिक व बौद्धिक विकास में तेजी से बढ़ोत्तरी होती है। आंगनबाड़ी केंद्रों, सेक्टर केंद्रों पर पोषण वितरण सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें जिम्मेदारों को अपनी भूमिका बेहतर व ईमानदारी पूर्वक निभाना होगी।
आरपी त्रिपाठी ने कहा कि आंगनबाड़ी के हरेक सेक्टर केंद्रों पर चित्रकला, रंगोली प्रतियेागिताओं का आयोजन जरूर कराया जाए। धात्री माताओं, बच्चों के जन्मदिन, गोद भराई आदि आयोजन नियमित रूप से कराए जाएं। परियोजना अधिकारी ज्ञानेश खरे ने कहा कि कुपोषण जैसे कलंक को मिटाने अमला हर संभव लगातार कोशिशें कर रहा है। कुपोषण दूर कराने बच्चों व उनकी माताओं को पोषण पुर्नवास केंद्रों पर भेजकर उनको लाभांवित कराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। क्योंकि बच्चों को पहला पोषण उनकी मां से ही मिलता है। इसीलिए स्तनपान की शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। यही कारण है कि कुपोषण में काफी हद तक सुधार आया है।
दी जाएंगी संबंधित जानकारी
आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह एक से सात अगस्त तक स्तनपान कार्यक्रम का आयोजित कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत सभी महिलाओं को स्तनपान से सम्बंधित जानकारी दी जाएगी। ताकि वे अपने बच्चों को सही आहार दे सके। साथ ही वे महिलाएं, जो अभी अभी मां बनीं हैं। उन्हें स्तनपान से संबंधित सही जानकारी दे सके। क्योंकि आज भी कुछ जगहों पर छ: दिन तक मां का दूध नहीं पिलाया जाता। या स्तनपान का सही तरीका पता न होने पर भी बच्चा दूध नहीं पी पाता। इसलिए इस शिविर में सभी जरूरी जानकारी दी जाएगी।