MP News: महज 38 की उम्र में हार्ट अटैक से मौत… ये सिर्फ चौंकाने वाली खबर नहीं बल्कि हर किसी के लिए चेतावनी है। अब दिल की बीमारी उम्र नहीं देखती।
Heart Attack at Young Age: रायसेन पुलिस की नौकरी यानी शरीर से पूरी तरह मजबूत और स्वस्थ जवान, लेकिन यदि 38 वर्षीय पुलिस जवान भी हार्ट अटैक का शिकार हो तो फिर आमजन के लिए यह बेहद चिंता की बात है। मंगलवार को कोतवाली में पदस्थ 38 वर्षीय आरक्षक की हार्ट अटैक से मौत होना इस बात का संकेत है कि हमेशा अपने दिल का खयाल रखना बेहद जरूरी है।
इन दिनों आए दिन दिल में दर्द की समस्या लेकर युवा, अधेड़ उम्र के लोग अस्पताल पहुंच रहे है। इनमें से कई को आर्टलरी ब्लॉकेज की समस्या पाई जा रही है। हर दिन औसतन दो मरीज दिल की बीमारी से पीड़ित होकर आ रहे है। दरअसल लोग यह मानते है कि यदि दिल में कोई तकलीफ हो तभी इसकी जांच और इलाज कराना है, लेकिन डॉक्टर बताते है कि यदि आपके हाथ, कांधे, पीठ या सीने में कहीं भी दर्द है तो इसे नजरअंदाज नहीं करें, बल्कि तुरंत हृदय रोग विशेषज्ञ से जांच जरूर कराएं, इनका सीधा संबंध हृदय रोग से हो सकता है। (MP News)
जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. एमएल अहिरवार का कहना है कि हर दिन एक न एक व्यक्ति हार्ट पेशेंट पाया जा रहा है। यह विशेषकर युवाओं के लिए सतर्क होने का संकेत है। डॉ. अहिरवार का कहना है कि दिल को स्वस्थ रखना है तो खान-पान पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। फैटी भोजन से तुरंत दूरी बनाएं, भोजन में तेल का कम से कम उपयोग करें। इसके अलावा बीड़ी, सिगरेट, शराब का सेवन बंद कर दें। अपनी जीवन शैली में बदलाव करें। हल्का व्यायाम और संतुलित पौष्टिक आहार के साथ भरपूर नींद लें। (MP News)
डॉ. सौरभ जैन का कहना है कि युवाओं में हार्ट अटैक के मामले शहर सहित गांवों से सामने आ रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह अनियमित जीवन शैली और खानपान है। लोग तेल, घी, पैक्ड सामग्री खूब खा रहे हैं। कैलोरी बर्न करने के लिए मेहनत नहीं कर रहे। खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से ब्लॉकेज हो रहे हैं। मोबाइल व मनोरंजन के साधनों ने शारीरिक गतिविधियां रोक दीं हैं। यही कारण है कि अब युवा भी इस बीमारी में शामिल हो रहे हैं। आउटडोर गतिविधियां न होने से ब्लॉकेज की समस्या होती है। शुरुआती लक्षण सामने आने पर लोगों को सचेत हो जाना चाहिए। (Heart Attack at Young Age)
बीते दो-तीन सालों में बीमारियों ने सीमाएं तोड़ दी हैं। पहले हार्ट अटैक 50 साल से अधिक आयु के लोगों में ही सुनाई देता था, लेकिन अब 18-40 साल के युवा भी इसके शिकार बन रहे हैं। रायसेन में ही ऐसे बीते एक साल में ऐसे 4-5 उदाहरण सामने आ चुके हैं। इसी में आरक्षक रामपाल का नाम भी जुड़ता है। अब मेडिकल साइंस ने भी कह दिया है कि हार्ट अटैक के लिए मौसम या उम्र अब मायने नहीं रखती। पहले ठंड के दिनों में यह बीमारी ज्यादा अटैक करती थी, अब स्थितियां बदल गई हैं। हार्ट अटैक किसी भी मौसम में और किसी भी आयु के व्यक्ति को पड़ सकता है। (Heart Attack at Young Age)