
रायसेन। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को बकाएदार किसानों से कर्ज की रकम वसूलने में पसीना आ रहा है। जिले के 33 हजार 566 किसानों से 131 करोड़ रूपए बकाया है। अभी तक 17 हजार किसानों से 131 करोड़ में से 75 करोड़ ५० लाख रूपए कर बकाया राशि जमा करायी जा चुकी है। 131 करोड़ रूपए की वसूली 33 हजार 566 किसानों से की जानी है। को-आपरेटिव बैंक के सीईओ आरपी हजारी ने बताया कि जल्द ही बकाया राशि 25 मई तक वसूल कर ली जाएगी। जिले के लगभग 33 हजार 566 किसानों को 131 करोड़ रूपए का कर्ज बांटा है।
सीईओ हजारी का कहना है कि बकायादारों से राशि सख्ती से वसूलने के लिए 27 अप्रैल 2018 तक राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए थे। नोटिस मिलने के बाद किसानों ने रकम जुटाकर कर्ज की राशि जमा कराना शुरू कर दिया है।अब तक सरकार के लिखित आदेश के बाद 27 अप्रैल की जगह 25 मई तक कर्ज की राशि जमा कराने की सूचना दी गई है।
इधर विधानसभा के चुनावी साल में कर्ज माफी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में ऋण वसूली के लिए नोटिस जारी किए हैं। अब तक लिंक योजना के तहत 131 करोड़़ में से 17 हजार किसानों ने अभी तक 75 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि जमा की जा चुकी हैं। 33 हजार 566 किसानों की कुल संख्या है। बैंक के नियमों के तहत मार्च समाप्ति से पहले किसान शून्य फीसदी ब्याज दर पर पूरा कर्ज चुका सकते हैं।
.... तो किसानों को 12.5 फीसदी सालाना ब्याज देना होगा
दरअसल 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष लागू होने पर 12.5 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा। बैंक ने किसानों से वसूली के नोटिस जारी कर दिए हैं। लेकिन सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ऋण जमा करने की तारीख बढ़ा दी है। अब किसान 25 मई तक कर्ज जमा कर वर्ष 2017-18 के लिए कर्ज ले सकेंगे।
बैंक के अनुसार हर साल मार्च तक किसानों से वसूली हो जाती है। किसान दोबारा से कर्ज उठा लेते हैं। लेकिन सालभर का कर्ज जमा नहीं हो पा रहा है। किसानों को राज्य व केंद्र सरकार से कर्जमाफी के आदेश का इंतजार है। किसान मेहबूब पटेल, मो.साजिद खान सदालतपुर, इरशाद बेग अरवरिया, सुभाष भार्गव, मनोहर मेहर धनौरा, हरनाम सिंह जाट बीदपुरा, सैयद जावेद उद्दीन बागोद आदि का कहना है कि विधानसभा, लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकारें कर्जमाफी की घोषणाएं कर सकती हैं।
इसलिए वह इस आदेश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं 25 मई तक कर्ज की राशि जमा नहींकरने की स्थिति में 12.5 प्रतिशत सालाना ब्याज भरना होगा। किसानों का कहना है कि कर्ज की राशि वसूलने के लिए को-आपरेटिव बैंक सहित अन्य बैंकों के अधिकारी भारी दबाव बना रहे हैं। किसानों को नोटिस दिए जा रहे हैं।जबकि किसान पहले ही परेशानी में हैं। कृषि उपज मंडियों में किसानों को उनकी उपज के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। किसानों को भावांतर भुगतान योजना का भी ज्यादा फायदा नहीं मिला है। इन परेशान किसानों का कहना है। केंद्र व प्रदेश की सरकार को किसानों का कर्ज माफ कर देना चाहिए।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि किसान समय पर कर्ज जमा नहीं करेगा तो इसका असर सोसायटियों की आमदनी पर पड़ेगा। सहकारी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण भी वसूली प्रभावित हुई है। वित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले ऋण राशि की वसूली करना थी। लेकिन सरकार ने तारीख आगे बढ़ा दी। अब वसूली में परेशानी आ रही है। कर्ज माफी की फिलहाल कोई योजना नहीं है। किसानों को ऋण की राशि जमा करना होगा। तय समय पर लोन की राशि जमा नहीं करने वाले किसानों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
आरपी हजारी सीईओ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायसेन ।