
रायसेन। शहर के बावड़ीपुरा वार्ड दो में एक नाबालिग बालिका वधु बनने से रूक गई। एक व्यक्ति की शिकायत पर एसडीएम वरूण अवस्थी के आदेश पर सोमवार की शाम करीब छह बजे की। एसडीएम अवस्थी के आदेश पर महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी अवंतिका तिवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और नगर निरीक्षक कोतवाली आलोक कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार की शाम नाबलिग दुल्हन के घर विवाह स्थल बावड़ीपुरा पहुंचे।
लड़की के परिजनों को यह विवाह नहीं करने की हिदायत दी। टीआई श्रीवास्तव ने यह हिदायत दी कि अगर भोजन बन गया है तो रिश्तेदारों, परिजनों और बारातियों को खिलाएं। लेकिन इस नाबालिग लड़की के सात फेरे नहीं कराएं। जबकि बेगमगंज से सोमवार की शाम बारात रायसेन के लिए रवाना हो चुकी थी। नाबलिग दुल्हन के पिता मनोज कुशवाहा से लिखित आवेदन लेकर टीम वापस चली गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को बावड़ीपुरा वार्ड 2 निवासी मनोज कुशवाहा की बेटी का विवाह बेगमगंज में एक युवक से तय हुआ था। दुल्हन और उसके परिवार वालों ने विवाह की सारी तैयारियां कर ली थी। विवाह स्थल पर डीजे बैंडबाजे से लेकर लाइट डेकोरेशन और वरमाला के लिए मंच तक बन चुका था।
सारे मेहमान आ चुके थे। नाच गाना चालू था। बारात भी रास्ते में ही थी। उसे पहुंचने में कुछ ही समय बाकी था। शादी होने ही वाली थी। पर, मौके पर पुलिस अधिकारियों सहित महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी अवंतिका तिवारी ने एसडीएम अवस्थी के आदेश पर नियम अनुसार कार्यवाही करने पहुंची।
लड़की के पिता मनोज कुशवाहा व उसकी पत्नी से घर में से अंकसूची बुलवाई और उम्र देखी। बालिका की उम्र 18 वर्ष पूर्ण न होने पर शादी रोक दी गई। एसडीएम ने बालिका को 18 साल से पहले शादी न करने की हिदायत दी साथ ही आगे पढ़ाई करने को कहा। आस पास के सभी लोगों ने एसडीएम द्वारा किए गए इस नेक की सराहना की।