रायसेन

शासकीय उप स्वास्थ्य केंद्र में लटके ताले, मरीज परेशान

महीनों अस्पताल नहीं आते स्वास्थ्य कर्मचारी, वेतन लेकर कर रहे बल्ले-बल्ले

2 min read
Apr 23, 2018

रायसेन। शासकीय उप स्वास्थ्य केंद्र सांचेत में महीनों से ताले लटके हुए हैं। यहां कार्यरत महिला एएनएम, डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी भी गायब रहते हैं। शादी विवाह के इस सीजन में लोग तले का व्यंजन खाकर बीमार पड़ रहे हैं। अस्पताल में ताले लटके होने की वजह से बीमारों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। वायरल फीवर, उल्टीदस्त से परेशान मरीजों को नकतरा और जिला अस्पताल रायसेन जाकर इलाज कराने जाना पड़ रहा है।

सोमवार को सुबह आधे दर्जन बीमार मरीज कस्बा सांचेत के इस सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। अस्पताल में ताले लटके देखकर उनके परिजन चिंता में पढ़ गए। यह क्षेत्र दिग्गज मंत्रियों सांसद का है इसके बाद भी ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहद लचर हैं। ग्रामीणों ने वनमंत्री डॉ.गौरी शंकर शेजवार, जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रकाश मीणा, कलेक्टर भावना बालिम्वे से अस्पताल नियमित खोले जाने और लापरवाह स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है।

मोटा वेतन लेकर कर रहे आराम
कस्बा सांचेत निवासी राज लोधी,राजमीणा,सुनील कुशवाहा,बलवंत सिंह राजू भदौरिया ने बताया कि अक्सर इस सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों से लेकर कंपाउंडर, स्वास्थ्य कर्मचारी महीनों से गायब है। उन्हें मरीजों की कोई सुध बुध ही नहीं है। जबकि हर महीने उनका मोटा वेतन आराम से उनके बैंक खातों में जमा हो जाता है।

इस तरह हाजिरी में भी फर्जीवाड़ा मिलजुलकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कर लिया जाता है। सोमवार को सुबह 10 बजे बुखार, हैजा और उल्टीदस्त से बीमार होकर सांचेत के इस सरकारी अस्पताल पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों सहित स्वास्थ्य अमला इस अस्पताल में ताले डालकर गायब हैं। कस्बा सांचेत के इस सरकारी अस्पताल से सांचेत सहित सोनकच्छ, अण्डोल, डंडेरा, हकीमखेड़ी, बड़ोदा, कांठ, गुदावल, विशनखेड़ी, अंडिया, संग्रामपुर, मुंगावली डेढ़ दर्जन गांव जुड़े हैं। इसके बावजूद इस असपताल से स्वास्थ्य अमला मरीजों के उपचार में पूरी तरह से लापरवाही बरत रहा है।

ये भी पढ़ें

आईटी पार्क का सपना अधूरा, ठंडे बस्ते में चल रही योजना
Published on:
23 Apr 2018 02:47 pm
Also Read
View All