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16 यात्रियों से भरी नाव नर्मदा नदी में पलटी, फिर 4 बहादुरों ने सभी को बचाया

MP News : रमपुरा से रिछावर घाट जा रही एक नाव, जिसमें 16 यात्री सवार थे। साथ ही, इसमें मोटरसाइकिल भी लदी थीं, अचानक अनियंत्रित होकर नदी में पलट गई। सभी को 4 स्थानीय युवाओं ने रेस्क्यू कर बचा लिया है।
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रायसेन

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 31 Mar 2026, 8:45 AM IST

MP News

16 यात्रियों से भरी नाव नर्मदा नदी में पलटी (Photo Source- Input)

MP News :मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में जिला मुख्यालय से करीब 180 कि.मी दूर देवरी थाना इलाके में नर्मदा नदी के रमपुरा घाट पर सोमवार शाम को स्थानीय युवाओं की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, रमपुरा से रिछावर घाट जा रही एक नाव, जिसमें 16 यात्री सवार थे। साथ ही, इसमें मोटरसाइकिल भी लदी थीं, अचानक अनियंत्रित होकर नदी में पलट गई। नाव रमपुरा घाट से नरसिंहपुर जिले के रिछावर घाट जा रही थी, इसी दौरान हादसे का शिकार हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो नाव में क्षमता से ज्यादा लोग और वाहन सवार थे, जो हादसे का कारण बना। नाव पलटते देख स्थानीय चार युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी और सभी को बचाकर बाहर ले आए, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।

नाव पानी में समाते ही मची चीख-पुकार

बताया जा रहा है कि, नाव में उसकी क्षमता से अधिक भार था, जिसके चलते उसने पानी पर अपना संतुलन खो दिया और उसमें धीरे-धीरे पानी भरने लगा। यात्रियों को स्थिति का अंदाजा होता, उससे पहले ही नाव डगमगाई और अचानक पलट गई। देखते ही देखते सभी यात्री और बाइक नदी में गिर गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के दौरान स्थानीय चार युवकों ने साहस का परिचय देते हुए बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी और तेज बहाव को चीरते हुए एक-एक कर सभी नाव सवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सभी की हालत खतरे से बाहर

जानकारी ये भी सामने आई है कि, जिस नाव सवारों को चारों युवाओं ने अपनी जान पर खेलकर बचाया, उसपर व्यस्क लोगों के बजाए बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल थे। युवकों की तत्परता और सूझबूझ से नाव सवार सभी 16 यात्रियों की जान तो बच गई, पर नाव पर रखी सभी 5 मोटरसाइकिलें नदी में डूब गईं, जिन्हें अब प्रशासन की मदद से निकाला जा रहा है। अबतक 3 बाइकें बाहर निकाली जा ससकी हैं, जबकि दो अन्य बाइकें तलाश की जा रही हैं। घटना के तुरंत बाद सभी यात्रियों को देवरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, सभी यात्रियों की स्थिति खतरे से बाहर है।

बहादुरों का होगा सम्मान

दूसरी तरफ प्रशासन ने हादसे के दौरान साहस दिखाने वाले चारों युवाओं को सम्मानित करने की घोषणा की है। उनकी बहादुरी और तत्परता के चलते 16 जिंदगियां सुरक्षित बच सकीं। नाव में सवार लोगों की जान बचाने वाले बहादुरों के नाम गंगाराम लोधी, डोमल लोधी, संदीप लोधी और सीरविंद लोधी बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही देवरी तहसीलदार जयपाल उइके और थाना प्रभारी जयदीप भदोरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

नावों की सुरक्षा और ओवरलोडिंग पर उठे सवाल

वहीं, हादसे के बाद नदी में संचालित नावों की सुरक्षा व्यवस्था और ओवरलोडिंग पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि, घाटों पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर कोई सख्ती नहीं होती, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग है कि, घाटों पर नाव संचालन के नियमों का सख्ती से पालन हो, ताकि भविष्य के किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।