हवा हो रहीं सीएम की घोषणाएं, छली जा रही आम जनता, एयरपोर्ट, खेल स्टेडियम भी नहीं बन सके
रायसेन@शिवलाल यादव की रिपोर्ट...
जिला मुख्यालय पर ऊपर किला नीचे जिला इसके सिवाय नगरवािसयों को कुछ नहीं मिला। प्रदेश के 51 जिलों में रायसेन जिला भी पिछड़े जिलों में शुमार है। इसीलिए जिले में पांच पांच मंत्रियों एक केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व करने के बावजूद रायसेन जिला विकास को सालों से तरस रहा है। जबकि प्रदेश व केंद्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकारें सत्तारूढ़ हैं। जिला मुख्यालय को फिलाहल रेल लाइन व कृषि कॉलेज समेत बड़े व लघु उद्योगों के विकसित होने की बरसों से दराकर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा करीब तीन साल पूर्व विश्व पर्यटन बौद्ध स्थली सांची में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा, वनमंत्री डॉ.गौरी शंकर शेजवार की मौजूदगी में की गई थी।
इसके लिए जिला-प्रशासन ने सांची में करीब 10 एकड़ जमीन भी आरक्षित कर चिन्हित की गई थी। लेकिन दो साल का समय गुजर जाने के बाद भी मुख्यमंत्री की मेडिकल कॉलेज की घोषणा अधर में लटकी हुई है। अगर सांची में मेडिकल कॉलेज खुल जाएगा तो कम से कम स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही व्यापारियों का कारोबार भी निश्चित रुप से बढ़ेगा। लेकिन यह मेडिकल कॉलेज घोषणा के बाद भी विदिशा जिले को दे दिया गया।
एक बार फिर सांची विधानसभा के मतदाता खुद को छला सा महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा मेहगांव में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लगभग पांच साल पहले की थी। लेकिन यह घोषणा भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। वहीं सीएम चौहान ने बरेली और रायसेन जिले के दीवानगंज, सांची में भी खेल स्टेडियम का निर्माण और दीवानगंज के नीनोद में गोल्ड मैदान आकार नहीं ले सका है। इस वजह से खेल प्रतिभाओं को स्टेट व नेशनल स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। जबकि हैरत की बात तो यह है कि केंद्र से लेकर प्रदेश में सालों से भाजपा की सरकारें राज्य कर रही हैं। बावजूद इसके तीन साल से पांच साल पहले की गर्इं सीएम की घोषणाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। इन कोरी घोषणाओं से आम जनता खुद को छला सा महसूस कर रही है।
सांची में बनना था मेडिकल कॉलेज
बताया जा रहा है कि करीब ३ साल पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वनमंत्री डॉ.शेजवार, तत्कालीन जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की मौजूदगी में सांची में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा सांची में इस मेडिकल कॉलेज भवन, हॉस्टल निर्माण के लिए करीब 10 एकड़ जमीन चिन्हित कर अधिग्रहण करने की कार्यवाही भी तेज कर दी थी। लेकिन बाद में यह काम ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बल्कि यह सौगात विदिशा को दे दी गई। वहीं हाईटैक पैथॉलोजी लैब और दांतों का मेडिकल कॉलेज रायसेन को सौगात मिली। लेकिन रायसेन की होशांगाबाद जिले को दे दी गई सौगात।
एयरपोर्ट की जमीन पर दोबारा हुआ अतिक्रमण
तहसील रायसेन के मेहगांव एरोड्रम बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने लगभग ५ साल पूर्व की थी। प्रशासन ने एयरपोर्ट निर्माण कराने के लिए मेहगांव में १० एकड़ ७५ डेसीमल जमीन अधिग्रहण कर उसे आरक्षित कर नागरिक विमानन एवं उड्डयन विभाग भोपाल को सौंप दी गई थी।लेकिन देखरेख के अभाव में मेहगांव के कुछ दबंगों ने दोबारा से इस बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण कर कब्जा लिया है।इसे सरकार की अनदेखी कहें या फिर जिला-प्रशासन की लापरवाही।इस तरह जनप्रतिनिधियों और आला-अफसरों की उदासीनता और से दृढ़ इच्छा शक्ति के अभाव में जिले के विकास को मानो ग्रहण सा लगा हुआ है।
खेलों को भी नहीं मिल पा रहा बढ़ावा
जिले की तहसील मुख्यालय बरेली, सांची और दीवानगंज में खेल स्टेडियम और नीनोद दीवानगंज में गोल्फ का मैदान सालों बाद भी आकार नहीं ले सका है। यह सारी घोषणाएं मुख्यमंत्री चौहान द्वारा की गई है। ऐसी स्थिति में जिले की खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे के लिए कोई मौका नहीं मिल पा रहा है। जबकि मुख्यालय से लेकर कस्बों, तहसीलों में कई खिलाड़ी मौजूद हैं। जो कि जिला संभाग व नेशनल स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में अपने खेल का लोहा मनवा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने की सिर्फ कोरी घोषणाएं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विकास की महज कोरी घोषणाएं करने में माहिर हैं। सरकार के खजाने में फंड हैं नहीं आखिर वह अधूरे विकास कार्य कहां से कराएंगे। जब बजट है नहीं तो उनको झूठी घोषणाएं कर वाह वाही नहीं लूटना चाहिए। सीएम ने आम जनता के साथ छलावा किया है।
डॉ.प्रभुराम चौधरी, पूर्व कांग्रेस विधायक