
Raisen news: मध्यप्रदेश के रायसेन जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक तरफा प्यार में पड़े आशिक ने गलती से हार्डवेयर व्यापारी की हत्या कर दी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी ममेरे भाई को मारने के लिए आए थे लेकिन पहचान में गलती होने के कारण राकेश लोधी की हत्या कर दी। जिसके बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस इस पूरे मामले में तेजी से जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी आशुतोष गुप्ता के निर्देशन तथा एएसपी दीपक नायक के मार्गदर्शन में एसडीओपी प्रतिभा शर्मा के नेतृत्व में तत्काल तीन थाना क्षेत्रों की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस ने 25 जुलाई की रात सलामतपुर चौराहा से घर लौट रहे हार्डवेयर व्यापारी राकेश लोधी की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया है। हत्या की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी सहित दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों का निशाना मृतक का भाई था, लेकिन पहचान में हुई गलती के कारण राकेश लोधी की हत्या कर दी। 25 जुलाई की रात हार्डवेयर व्यापारी राकेश लोधी अपने भाई बबलेश लोधी के साथ सलामतपुर चौराहा स्थित दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से अपने गांव मेडकी लौट रहे था। रास्ते में अज्ञात आरोपियों ने मोटरसाइकिल रोककर तलवार से हमला कर हार्डवेयर कारोबारी राकेश लोधी (26) की हत्या कर दी तथा फरार हो गए।
पूछताछ में मुख्य आरोपी गोलू उर्फ धीरेंद्र पाल ने बताया कि वह मृतक के भाई भगवानदास लोधी उर्फ बंटी की पत्नी को एकतरफा प्यार करता था। महिला का विवाह भगवानदास लोधी से होने के बाद उसने रंजिश रखते हुए उसकी हत्या की साजिश रची। योजना को अमलीजामा पहनाने के दौरान पहचान में हुई भूल के कारण आरोपियों ने भगवानदास की जगह राकेश लोधी पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि भगवानदास लोधी की करीब 6 महीने पहले भोपाल की रीना से शादी हुई थी। शादी से पहले रीना की गोलू उर्फ धीरेंद्र पाल से दोस्ती थी। वह इस रिश्ते को प्यार समझ बैठा। शादी के बाद वह भगवानदास को रास्ते से हटाने की योजना बनाने लगा।
पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक गोलू उर्फ धीरेंद्र पाल अपने साथियों के साथ 26 जुलाई की रात भगवानदास की हत्या करने की तैयारी से सलामतपुर चौराहे गया था। रोज भगवानदास बाइक से दुकान से घर जाता था, लेकिन घटना वाले दिन वह करीब 15 मिनट पहले लोडिंग ऑटो से घर निकल गया।
इसके थोड़ी ही देर बाद भगवान दास का छोटा भाई राकेश, अपने मौसेरे भाई बब्लेश लोधी के साथ बाइक से घर लौट रहा था। गांव से करीब 500 मीटर पहले आरोपियों बाइक रोक ली। और दोनों से पूछा कि तुम दोनों में भगवानदास कौन है? इससे पहले की दोनों कुछ भी सोच पाते आरोपियों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। राकेश ने बचाव में हाथ आगे किया, जिससे उसकी हथेली कट गई। इसके बाद आरोपियों ने कई वार किए और मौके से फरार हो गए। बब्लेश किसी तरह वहां से बचकर निकला। इसके बाद उसके घटना की जानकारी पुलिस को दी। गंभीर रूप से घायल राकेश की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।