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रायसेन जेल प्रहरी गोलीकांड: जेल की दीवार से अंदर फेंका गया था ‘कट्टा’ और ‘कारतूस’, फिर बैरक में छिपाया

Jail Prisoner Shoots Guard: रायसेन जिला जेल में बंदी नीलेश ने रिमांड के दौरान जेल ब्रेक की साजिश का खुलासा किया, जिसमें साथी बंदी के साथ दीवार से कट्टा-कारतूस अंदर फेंकवाए गए थे।
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रायसेन जिला जेल, बंदी नीलेश (Photo Source - Patrika)

रायसेन जिला जेल, बंदी नीलेश (Photo Source - Patrika)

Raisen news: मध्यप्रदेश के रायसेन जिला जेल में प्रहरी को गोली मारकर फरार होने की कोशिश करने वाले बंदी नीलेश ने पुलिस रिमांड के दौरान जेल ब्रेक की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। हत्या के आरोप में बंद नीलेश ने साथी बंदी राहुल बेदी के साथ मिलकर भागने का ताना बाना बुना था। साजिश के तहत बाहर से जेल की बाउंड्री वॉल के ऊपर से कट्टा और कारतूस अंदर फेंके गए थे। पुलिस ने मामले में साजिशकर्ता बंदियों सहित हथियार सप्लाई करने वाले तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस पूछताछ में नीलेश ने बताया कि वह पठारी के नेपाल सिंह हत्याकांड में 11 माह से जेल में बंद था। पूर्व में भी एक हत्या के मामले में सजायाफ्ता होने के कारण उसे जमानत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। इसी दौरान जेल में उसकी मुलाकात राहुल बेदी से हुई। दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर जेल से भागने की साजिश रची।

3 आरोपी जेल में, मामा की तलाश जारी

पुलिस ने मामले में नीलेश, राहुल बेदी और शुभम बेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हथियार का इंतजाम करने वाला मुख्य आरोपी मामा सुपियार सिंह (निवासी किबली. बरेली) फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

मुलाकात के बहाने तय हुआ सप्लाई का प्लान

साजिश के अनुसार, राहुल बेदी के जेल से छूटने के बाद बाहर से हथियार पहुंचाने का जिम्मा तय हुआ। राहुल ने अपने मामा सुपियार सिंह से कट्टा-कारतूस जुटाने को कहा। राहुल को जेल के उस हिस्से का भली-भांति अंदाजा था, जहां से आसानी से सामान अंदर फेंका जा सकता था। 19 अगस्त को मुलाकात के दौरान मामा सुपियार सिंह ने नीलेश को संकेत दिया कि हथियार शुभम बेदी को दे दिए गए हैं। इसके बाद शुभम ने तय जगह से जेल परिसर के अंदर पैकेट फेंक दिया। नीलेश ने पैकेट उठाकर उसमें रखा 315 बोर का देसी कट्टा और 5 जिंदा कारतूस सुरक्षित जगह छिपा दिया।

अधीक्षक की छुट्टी का उठाया फायदा

2 सितंबर को जब जेल अधीक्षक अवकाश पर थे, तब नीलेश ने इसे भागने का सबसे सही मौका समझा। वह फल खाने का बहाना बनाकर मुख्य द्वार तक पहुंचा। वहां उसने ड्यूटी पर तैनात प्रहरी दिग्विजय सिंह पर कट्टा तानकर ताला खोलने का दबाव बनाया। प्रहरी के विरोध करने पर हुई झूमाझटकी के दौरान कट्टे से चली गोली प्रहरी को लग गई। फायरिंग की आवाज सुनते ही जेल स्टाफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए नीलेश को मौके पर ही दबोच लिया। मौके से देसी कट्टा, 4 जिंदा कारतूस और एक मोबाइल जब्त किया गया।