कम उपस्थिति होने पर कटेगा शिक्षकों का वेतन, मनमाने समय जाने वाले शिक्षकों पर कसेगा शिंकजा
रायसेन। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए एक नया फरमान जारी कर दिया है, जिससे शिक्षकों में हडकंप मचने लगा है। कम उपस्थिति होने पर अब शिक्षकों का वेतन काटा जाएगा। हालांकि इस फरमान का कुछ शिक्षकों ने अभी से ही दबी जुबान से विरोध शुरू कर दिया है। सरकारी स्कूलों में मनमाने समय जाने वाले शिक्षकों पर जिला शिक्षा विभाग और शिक्षा मिशन कार्यालय शिकंजा कसने जा रहा है।
लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से इस आशय के निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों को भेज दिए हैं। साथ ही इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने को कहा जा रहा है। आदेश के तहत शिक्षक-शिक्षिकाओं की हाजिरी ७० प्रतिशत से कम मिली तो उनका वेतन काटा जाए। नए आदेश ने फिलहाल सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बैचेन कर दिया है।
सीएम ने जताई थी नाराजगी
जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की गैरहाजिरी को लेकर पिछले साल प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने लापरवाह शिक्षकों पर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश भी जिम्मेदार अधिकारियों को दिए थे। सीएम की घोषणा के अनुरूप ही स्कूल शिक्षा विभाग शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस की नई रूपरेखा बना रहा है। नई योजना के तहत शिक्षकों को मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन से अपनी अटेंडेंस देनी है। इसमें जीपीएस सिस्टम व शिक्षकों के लोकेशन की पुख्ता व्यवस्था भी होगी। इस संबंध में डीईओ आरपी सेन का कहना है कि शासन और डीपीआई भोपाल के आदेश विभाग में आ चुके हैं। इनका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
इधर, भोपाल रोड चोपड़ा मोहल्ले वार्ड 18 स्थित कु हरिया तालाब घाट किनारे बना पुलिस सहायता केन्द्र के लंबे समय बाद भी ताले नहीं खुल सके। बताया जा रहा है कि शहर अथवा शिकारीपुरा समेत चोपड़ा मोहल्ले में अप्रिय स्थिति होने पर ही पुलिस कर्मी ताले खोलकर पुलिस चौकी पर तैनात रहते हैं। मामला शांत हो जाने के बाद फिर से पुलिस चौकी में ताले लटक जाते हैं। लोगों को दुर्घटना एवं विवाद होने पुलिस सहायता के लिए कोतवाली तक जाना पड़ता है। जबकि यह क्षेत्र एनएच किनारे है। जिला पुलिस के अधिकारी कई बार इस केन्द्र को प्रारंभ करने का आश्वासन दे चुके हैं, जो झूठे साबित हुए। चोपड़ा मोहल्ला निवासी गुलाब सिंह बंशकार, शिकारीपुरा के शैतान सिंह पवार, पार्षद उपेंद्र सिंह पवार, वकील बाबर खान, मो.राशिद खान, शेहवार खान आदि का कहना है कि पुलिस चौकी के ताले खुलवाकर पुलिस कर्मी तैनात किए जाएं।