
रायसेन। मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई रायसेन के बैनर तले जिलेभर से आए पटवारियों ने सोमवार को दोपहर तपती दुपहरी में रैली निकाली। इसके बाद नारेबाजी करते हुए यह पटवारियों की यह रैली कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर मोहिनी शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पटवारियों ने उनकी लंबित पांच सूत्रीय मांगों को शासन से हल कराने का आग्रह किया।
इससे पहले सांची रोड स्थित रॉयल मैरिज गार्डन में पटवारियेां की जिला स्तरीय बैठक पटवारी संघ के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल चंद्रवंशी, पटवारी कौशर अली, गोविंद सिंह चौधरी, लखन लाल वर्मा की मौजूदगी में आगामी आन्दोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रवंशी ने कहा कि शासन द्वारा पटवारियों की जायज लंबित मांगों का अभी तक निराकरण नहीं किया गया है।
इस कारण जिलेभर के पटवारी सरकार की दोमुंही नीति से आक्रोशित हैं। यदि शासन ने हमारी जायज मांगों को अनदेखा किया तो इसके नतीजे विधानसभा चुनाव में मप्र सरकार को भुगतना पड़ सकते हैं।जिले के सभी पटवारी अर्जित अवकाश को लेकर एक से 15 जून तक प्रदान किए जाएं।
पटवारियों ने लगाए जमकर नारे ....
पटवारियों के इस पैदल रैली में जिलेभर से लगभग 200 पटवारियों सहित 10 महिला पटवारियों ने भी भाग लिया। रैली के दौरान पटवारियों ने यह नारेबाजी की शिवराज तेरी गुंदागर्दी, तानाशाही अब नहीं चलेगी। हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा, हम सब एक हैं, पटवारी एकता जिन्दाबाद के नारे लगाए । पटवारियों की यह रैली रॉयल मैरिज गार्डन से होते हएु कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची।
जहां पुलिस कर्मियों ने पटवारियों की रैली को बैरिकेट्स केकरीब रोक दिया। तब पटवारियों की भीड़ इस बैरिकेट्स को हटाते हुए नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट ऑफिस के मेनगेट पहुंच गई। इस अवसर पर पटवारी यूनियन के जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल चंद्रवंशी, फूल सिंह लोधी, केशव दुबे, गोविंद चौधरी, लखनलाल वर्मा, शैलेंद्र सिंह गौतम, आशीष अग्रवाल, राजू कुशवाहा, मनोज चढ़ार, सीताराम इवने, भगवान सिंह मीणा, देवेश नेमा, रवि शंकर पंथी, मनीष चौरसिया, सुशील श्रीवास्तव, मीना राय गोहिल, मिथलेश तंतवार, नीलू श्रीवास्तव, दीक्षा पाल, कविता मालवीय आदि उपस्थित हुए।
ये प्रमुख मांगें हैं पटवारियों की
वेतनमान पे-ग्रेड- वर्तमान में पटवारियों को 2100 रूपए पे-ग्रेड दिया जा रहा है। जबकि पटवारी अपेन मूल विभाग के अलावा 21 अन्य विभागों के कार्यों को पूरी ईमानदारी लगननिष्ठा से संपादित करता है। तो फिर वेतन के मामले में उनके साथ शासन से सौतेला व्यवहार क्यों बरत रहा है। पटवारियों को सौंपे गए कार्यो के मान से ही वेतनमान दिया जाए।
वेतनमान पटवारियों को 2100 से बढ़ाकर 2800 किया जाए। पटवारियों की नियुक्ति् की न्यूनतम योग्यता हायर सेकंडरी से बढ़ाकर स्नातक की जाए। पटवारियों द्वारा जमीन प्लॉट का सीमांकन ईटीएस मशीनों सेकराया जा रहा है। फसल के नुकसान का गिरदावरी एप के जरिए किया जाता है। पटवारियों की पदोन्नति जल्द की जाए। पदोन्नति से पहले परीक्षण ट्रेनिंग की अनिवार्यता लागू की जाए। महिला पुरूष पटवारियों के तबादलेउनके चाहे गए जिलों में किए जाएं। बेव जीआईएस का सरलीकरण किया जाए।