MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन से एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें ईरान के समर्थन में नारे लगाए गए।
MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की चर्चाएं हर जगह हो रही हैं। लेकिन रायसेन में एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ, जो प्रशासन और मानव अधिकार आयोग के सदस्यों ने आपत्ति उठाई है। ऐतिहासिक किले की प्राचीर से रोजा इफ्तारी के समय का संकेत देने के लिए तोप चलाने पहुंचे खुद युवाओं ने ईरान के समर्थन में नारेबाजी करते हुए वीडियो बनाया, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कुछ युवक तोप दागते हुए नारे लगाते और ईरान का साथ देने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश के रायसेन में पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किले की सफील से आवासीय बस्ती के ऊपर देसी अवैध तोप चलाकर जनजीवन को खतरे में डाल रहे यह शोहदे ईरान और रमजान के नाम पर भय फैला रहे हैं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा कि यहीं स्थित महादेव के मंदिर में हिंदुओं को दर्शन करने से बड़ी मुस्तैदी से रोकने वाले आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया तथा स्थानीय प्रशासन के अफसरों को उतनी ही तत्परता के साथ इन पर अवैध हथियार बनाने, गोला बारूद चलाने, दहशत फैलाने, नागरिकों के जीवन को खतरे में डालने और पुरातत्व धरोहर को नुकसान पहुंचाने के लिए मुकदमा बना लेना चाहिए। बाकी हम तो कार्रवाई के लिए नोटिस भेज ही रहे हैं, तब अफसरों को कर्तव्य पालन ना करने का हिसाब भी देना होगा। नौकरी सरकार की है और नियम भी सरकार के हैं, इसलिए पालन करवाना होगा।
रायसेन तहसीलदार भरत मांडरे ने कहा कि वीडियो की जानकारी मिली है। थाना कोतवाली पुलिस को उक्त वीडियो दे दिया है। वो इसकी जांच करेंगे। इस मामले में जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी, की जाएगी।