MP News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भविष्य के ग्रामीण भारत की तस्वीर पेश की। गडकरी ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक खेती के दिन अब लद चुके हैं।
MP news: एमपी में तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का नवाचार के संकल्प के साथ समापन हुआ। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों को ऊर्जादाता और डामरदाता बनने का मंत्र दिया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भविष्य के ग्रामीण भारत की तस्वीर पेश की। गडकरी ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक खेती के दिन अब लद चुके हैं। ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है।
गडकरी ने कहा कि खेती को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट सूचना और ड्रोन तकनीक से जोड़ना होगा। किसान केवल अन्न पैदा न करें, बल्कि पराली और कृषि अवशेषों से इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन बनाकर ऊर्जादाता बनें। इससे आयात घटेगा, गांवों की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। करीब ढाई घंटे तक मेले में रहे मंत्री गडकरी ने रायसेन रिंग रोड (पूर्वी बायपास) के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। आश्वस्त किया कि डीपीआर तैयार की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होते ही काम बढ़ेगा।
गडकरी ने नर्मदापुरम जिले के नर्मदा पुल सहित क्षेत्र के पुलों के सौंदर्यीकरण और अन्य सड़क संबंधी मांगों पर सहमति जताई। उन्होंने 'गांव का पानी गांव में' का संदेश देते हुए भूजल पुनर्भरण को बैंक डिपॉजिट की तरह जरूरी बताया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा, क्षेत्र की जलवायु और संसाधनों के आधार पर बीज से बाजार तक का रोडमैप तैयार है। योजना को जमीन पर उतारने राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति और विशेष टास्क फोर्स बनेगी। हर ब्लॉक में बीज ग्राम बनेंगे। रायसेन क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित करेंगे। शिवराज ने पंचायतों में मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की बात कही।
रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले में शामिल होन जा रहे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी को पुलिस ने सोमवार को बैरिकेड्स लगाकर रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान रायसेन रोड पर भोपाल के आनंद नगर में कांग्रेस नेताओं की बहस भी हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढऩे दिया। पटवारी को रोकने के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच आखिकार पटवारी को यहीं से वापस लौटना पड़ा। इसके बाद पटवारी ने पीसीसी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश में तालिबानी शासन के आरोप लगाए। कहा, वे किसान के बेटे हैं और मेले में शामिल होना उनका हक था। प्रशासन को पत्र लिखकर मेले में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। मेले में जाने से उन्हें रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है।
जीतू पटवारी ने कहा, विपक्ष का काम आलोचना करना नहीं, बल्कि सकारात्मक सुझाव और नवाचार को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने कहा कि वे हाल ही में विदिशा गए थे जहां किसानों ने बताया कि गेहूं की एमएसपी पर खरीदी समय पर नहीं हुई, जिसके कारण लगभग 20 लाख क्विंटल गेहूं क्र2000 से कम कीमत पर बेचना पड़ा। किसान कल्याण वर्ष में किसानों को लगातार घाटा हो रहा है।