ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में मौजूद जनप्रतिनिधि और सचिव ठेकेदारों पर मेहरबान हैं
सिलवानी. जनपद पंचायत Janpad Panchayat के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पठापोंडी में मनमाने निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव पर भ्रष्टाचार करने के आरोप भी लगाए हैं। ग्रामवासियों ने कहा कि सरपंच-सचिव द्वारा ठेकेदार contractor के साथ मिलकर पंचायत के विकास कार्यों का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में मौजूद जनप्रतिनिधि और सचिव ठेकेदारों पर मेहरबान हैं, जबकि ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान न देकर मनमाने तरीके से गुणवत्ताहीन कार्य किए जा रहे है।
वहीं जनपद पंचायत के अधिकारी कार्रवाई करने से कतरा रहे हंै। सरकार द्वारा जहां एक ओर आम आदमी की चिंता कर उन्हें गांव में 100 दिन का रोजगार मुहैया कराने के लिए मनरेगा योजना पूरे देश में लागू कर दी है। लेकिन योजना लागू होते इस योजना की राशि को जिस तरह से बर्बाद किया जा रहा है, वह भी अपने आप में गवाह बना हुआ है।
मिलीभगत से फर्जीवाड़ा
ग्राम पंचायत पठापोंडी में पंचायत भवन से मंदिर की ओर सीसी सड़क का ठेका दिया गया, जिसमें बाहरी मजदूर काम कर रहे। जबकि नियमानुसार पंचायत निर्माण कार्य की एजेंसी होती है और उसे काम कराना होता है, लेकिन सचिव, रोजगार सहायक, उपयंत्रियों की कारस्तानी के चलते फ र्जी मस्टरोल भर कर पेश किए जा रहे है, जिसकी जांच की जाए तो पंचायत में फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।
यह फर्जीवाड़ा लगातार जारी है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है। वहीं जिम्मेदार आला अधिकारी कागजी औपचारिकता देखकर वापस दफ्तर लौट जाते हैं। जबकि दौरे के समय मौके का निरीक्षण किया जाएगा तो मनरेगा में चल रहा फर्जीवाड़ा का सारा सच सामने आ जाएगा।
रोजगार की तलाश में मजदूर पलायन करने को मजबूर
रोजगार की तलाश में सरकार द्वारा पलायन रोकने के लिए इस योजना को आमलीजामा पहनाकर धरातल पर तो ला दिया। मगर विभाग में बैठे अधीनस्थ कर्मचारी, सरपंच, सचिव, सह सचिव एवं उपयंत्री की मिलीभगत से मनरेगा योजना से मजदूरों को लाभ नहीं मिल सका।
मशीनों से पंचायत ने जो कार्य कराए, उससे मजदूरों के हक पर डाका डाला गया, जिससे मजदूर पलायन करने को मजबूर हैं।
जब गांव के लोग काम नहीं करेंगे तो बाहर से मजदूर लाना हमारी मजबूरी है। ना की हमें कोई शौक लगता है कि हम बाहर के लोगों से काम कराएं।
- देवेंद्र रघुवंशी, सचिव।
ग्राम पंचायत द्वारा हमें कोई काम नहीं दिया जाता, जबकि बाहर के लोग आकर यहां मजदूरी कर रहे हैं।
- भगवानदास, ग्रामीण पठा।
आपके द्वारा जानकारी दी गई है इसको मैं दिखवा लेता हंू। ग्राम पंचायत में नियम के साथ काम नहीं हो रहा है, तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
- अशोक उइके, जनपद सीईओ सिलवानी।