रायसेन

स्टेट हाइवे बिजली के पोल से हो सकता है खतरनाक

स्थानीय नाहर गार्डन के सामने बरेली-पिपरिया स्टेट हाईवे के किनारे लगा बिजली का पोल सड़क के बीच झुक गया है। तार टूटने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

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स्थानीय नाहर गार्डन के सामने बरेली-पिपरिया स्टेट हाईवे के किनारे लगा बिजली का पोल तेज हवा में मुड़ कर सड़क के बीच झुक गया है। किसी तरह बिजली तारों के सहारे लटका पोल बरसाती हवा-पानी में गिरने और तार टूटने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्योंकि इस मार्ग पर चौबीसों घंटे वाहन तो गुजरते ही हैं साथ ही पैदल यात्री भी गुजरते हैं। हालांकि पुलिस, प्रशासन और बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद हादसे को आमंत्रण देता पोल जस का तस लटका हुआ है।


आम तौर पर नगर में यह देखा गया है कि हादसे के बाद ही प्रशानिक अधिकारी हादसे से बचने के उपाय ढंूढते नजर आते हैं। रखरखाव के अभाव नगर एवं आसपास पहले भी बिजली के तार टूटने से हादसे चुके हैं। वहीं बिजली कंपनी के अधिकारियों की घटनाओं से सबक लेना तो दूर की बात सामने दिखाई देर ही खामियों को भी दुरुस्त करने में रुचि नहीं है। कंपनी के सहायक प्रबंधक मोहित जोशी का कहना है कि उक्त पोल को कटवाना है।

किसानों को अभी तक नहीं मिला उपज का भुगतान
बरेली. भारतीय किसान संघ मध्य भारत के बेनर तले भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एसडीएम विनीत तिवारी को ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने ज्ञापन में कहा है कि किसानों के द्वारा समर्थन मूल्य पर चना की फसल को बेचे हुए लगभग ०२ माह का समय बीत हो चुका है, परंतु आज दिनांक तक किसानों को भुगतान नही किया गया है। इससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, उनके अनेकों कार्य भुगतान के कारण अटके हैं। किसानों को मूंग की उपज बेेचने में भी अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों द्वारा फसल का उचित मूल्य भी नहीं दिया जा रहा है। नेटवर्क में परेशानी के चलते कुछ किसानों की मूंग का पंजियन नहीं हो पाया है। अत: उनके पंजियन किए जए। धान की रोपाई क्षेत्र में बडे स्तर पर की जाती है इस हेतु बिजली की ज्यादा आवश्यकता पड़ती है। किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिना किसी व्यवधान के विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चत की जाए। साथ ही महेश्वर सब स्टेशन में तुरंत पांच एमबीए ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए। किसान संघ ने आगे कहा है कि विधुत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर की पेट्रोलियम कराई जाए एवं जले हुए ट्रांसफार्मर अनिवार्य रूप से तीन दिवस में बदले जाएं।

अनुदान योजना के ट्रांसफार्मर की समय सीमा स्थापित की जाए।
एवं किसानों को कृषि पंप के स्थाई कनेक्शन तत्काल रसीद काट कर दिए जाएं। उपरोक्त समस्त समस्याओं का लिखित एवं व्यवहारिक निराकरण कर भारतीय किसान संघ को सूचित करें अन्यथा किसान संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

Published on:
19 Jul 2018 03:52 pm
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