
रायसेन। जंगलों में भूख प्यास से व्याकुल वन्य प्राणी शहरी क्षेत्र की बस्तियों में पलायन करने लगे हैं। सोमवार को सुबह लगभग पौने छह बजे भूख प्यास से परेशान एक भालू अचानक चोपड़ा मोहल्ला वार्ड अठारह में घुस आया। यह भालू एक घर के खुले दरवाजे से प्रवेश कर गया। जहां घर के आंगन में पलंग पर सो रही पैंतीस वर्षीय महिला पर भालु ने उसके कंधों पर आगे के दोनों पैर रख दिए। नुकीले नाखून चुभते ही गहरी नींद में सो रही उस महिला के जागने पर परिजनों ने शोर मचाया तो डर के मारे वह रीछ घर की दीवार को फांदकर किेले की पहाड़ी की तरफ भाग गया।
उस महिला को छोटो बेटा राकेश अहिरवार लाइी लेकर उसके पीछे भागा लेकिन वह भाग चुका था। हालांकि रीछ के हमले से महिला के गले व कंधों पर नाखून की खरोंच के निशान आए बाल-बाल उसकी जान बच गई। सूचना मिलने पर रेंजर नरेंद्र कुमार चौहान ने वनरेंज रायसेन के डिप्टी रेंजर प्रभात यादव वन अमले को मौकेपर भेजा। वन अमले ने सोमवार को सुबह ९ बजे महिला के घर पहुंच कर भालु के बाल और घर की गली में धूल की परतों में मिले पगमार्क की जांच पड़ताल की। हालांकि डिप्टी रेंजर प्रभात यादव ने घर में भालू नही घुसने की बात से इंकार किया है। जबकि महिला श्रृंगार बाई अहिरवार के बड़े पुत्री बद्रीलाल और छोटे पुत्र राकेश अहिरवार ने भालू होने की पुष्टि की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहर के वार्ड १८ चोपड़ा मोहल्ला में सोमवार को सुबह करीब पौने छह बजे सेवानिवृत्त कर्मचारी ८६ वर्षीय भंवर लाल अहिरवार अपने धर का दरवाजा खोलकर टहलने निकल गए। तभी थोड़ी देर बाद घर के मेनगेट में से एक भालू घुस गया। इस भालू ने घर के आंगन में पलंग पर सो रही उसकी बहू श्रृंगार बाई अहिरवार पत्नी दौलतराम उम्र ३५ के ऊपर हमला करने का प्रयास किया। तभी वह महिला गहरी नींद से जागने के बाद रोने लगी। शोर शराबा सुनकर उसका छोटा पुत्र राकेश अहिरवार बड़ा पुत्री बद्री लाल ने सबसे पहले रजाई भालु के ऊपर फेंक दी।
इसके बाद लाठियों से उस आदमखोर भालू को खदेडऩे लगे। चबूतरे के बगल में रखी बाइक पर चढ़कर उसने दीवार से नीचे छलांग लगा दी। इसके बाद वह घर के गली के रास्ते से किले की पहाड़ी की तरफ भाग गया। भालू के अचानक हुए हमले से श्रृंगार बाई दहशत में आ गई। भालू के नाखूनों से उसके गले व कंधों पर खरोंच आई। इस तरह वह महिला की जान बाल बाल बची। वन अमला इस वन्यस प्राणीको हायना बता रहे हैं।
इन क्षेत्रों में है वन्य प्राणियों का मूवमेंट
प्राप्त जानकारी के अनुसार रायसेन वनरेंज के तहत सीतातलाई पहाड़ी, पीपलखेड़ा नरापुरा कड़के, चोपड़ा मोहल्ले की किले की पहाड़ी पर तेंदुआ, भालू, हिरणों सहित नीलगाय, सफेद भालु आदि जंगली जानवरों का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। इन जंगलों जानवरों द्वारा गाय भैंसों का शिकार भी किया है। मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ पीपलखेड़ा बायपास व खेतों में आएदिन घूमते हुए नजर आते हैं।
लेकिन वन विभाग के अधिकारियों द्वारा इस मामले में गंभीरता पूर्वक ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उधर श्रृंगार बाई के ससुर बुजुर्ग भंवरलाल अहिरवार ने बताया कि पिछले चार पांच दिनों से रायसेन किला पहाड़ी पर आग बुरी तरह से धंधक रही है। भूख प्यास से व्याकुल वन्य प्राणी,भालु बंदरों का झुंड चोपड़ा मोहल्ले की बस्ती तक आने लगा है। वन अमले को इस मामले में ध्यान देना जरूरी है।