ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ विरोध करेगें दवा व्यापारी
रायसेन। ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में दवा विक्रेताओं के संगठन आल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर 28 सितंबर शुक्रवार को शहर सहित जिलेभर के मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। जिला ड्रग एवं मेडिकल ऐसोसिएशन के अध्यक्ष मकबूल अली गुड्डू ,ओमकार गौर, दीवान गौर,कृष्णगोपाल चतुर्वेदी, पवन दुबे आदि ने बताया कि ई- फार्मेसी के माध्यम से देश में अमानक स्तर की नकली दवाओं का जाल फैलाया जा सकता है।
व्यापारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में निर्धारित नंबर पर मिस कॉल दिए गए। फिर 27 सितंबर को काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया। 28 सितंबर को कारोबार बंद रहेंगे। इस दिन सुबह 10 बजे महामाया चौक राष्ट्रपिता बापू की प्रतिमा के समक्ष सभी कारोबारी एकत्रित होकर नारेबाजी करेंगे। इसके बाद रैली निकालते हुए कलेक्टोरेट कार्यालय में कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा को ज्ञापन सौंपेंगे।
ऑनलाइन दवाएं मंगाकर नशे का खुलेआम सेवन
एसोसिएशन का कहना है कि दवाओं के ऑनलाइन व्यापार से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो सकती है और युवाओं में नशे की प्रवृति बढ़ रही है जो ऑनलाइन दवाएं मंगाकर नशे का खुलेआम सेवन करने लगेंगे। जबकि शासन खुद फार्मासिस्ट की सलाह के बिना दवा न लेने की बात कहता है। ऐसे में ऑनलाइन दवाएं बिकने से मेडीकल दुकान संचालकों की आजीविका भी खतरे में आ जाएगी।
मुंगावली और अशोकनगर के मेडीकल दुकानें भी रहेगी बंद
मुगावली और अशोकनगर के दवा व्यापारियों ने भी ऑनलाइन दवा के विरोध में मेडीकल दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है। दवा व्यापारियों ने जिलेवासियों से होने वाली असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया है। 28 सितंबर को पूरी तरह से मेडिकल की दुकानें बंद रहेंगी। अशोकनगर के मेडीकल दुकान संचालकों ने सूचना जारी कर दी है, तो वहीं मुंगावली के मेडीकल दुकान संचालकों ने एसडीएम आरए प्रजापति को ज्ञापन देकर दुकानें बंद रखने की जानकारी दी है।
छोटे व्यापारियों पर आ रहा संकट
दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा की बिक्री से छोटे व्यापारी पर संकट आ गया है। बड़ी कंपनी छोटे व्यापारियों को ज्यादा दवाईयां नहीं देती ऐसे बडी़ कंपनियां नशीली दवाओं का ऑनलाइन बिक्री कर ये ज्यादा मुनाफा कमा रही है। इसी के विरोध में 28 सितंबर को दवा व्यापारी प्रदर्शन करेगें। उनका कहना है कि दवाओं के ऑनलाइन व्यापार से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो सकती है और युवाओं में नशे की प्रवृति बढ़ रही है।