सीमेंट कांक्रीट से बने रोड में जगह-जगह से आई दरारें।वाहन चालक र्दुघटनाग्रस्त हो रहे।
बाड़ी. राष्ट्रीय राजमार्ग जबलपुर भोपाल को फोरलेन रोड बने हुए अभी ज्यादा समय नहीं बीता। मगर सड़क की हालत वर्षों पुरानी जैसी नजर आने लगी है। पुल-पुलियाओं के दोनों तरफ बनी सड़क से डामर गायब हो चुका और डस्ट धूल दिख रही। ऐसे में वाहन चालक फिसल कर घायल हो रहे। जबकि इस मार्ग पर बनाए टोल नाको पर मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। मगर अच्छी सड़क की सुविधा वाहन चालकों को नहीं मिल सकी। ऐसे में यहां पर वाहन चलाना लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इसी के चलते हाईवे पर पिछले दिनों कई र्दुघटनाएं भी हुई, जिनमें लोग अपनी जान गंवा बैठे।
पिछले दिनों होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र के सांसद राव उदयप्रताप सिंह ने इस घटिया सड़क निर्माण का मुद्दा संसद में उठाया था। जिस पर विभागीय मंत्री नितिन गडकरी ने जांच कराने का आश्वासन दिया था। मगर अब तक किसी भी स्तर से सड़क निर्माण की जांच नहीं हुई। उक्त सड़क का निर्माण ब्रज गोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया है।
बिना सूचना बोर्ड के करते हैं काम
जगह-जगह से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है जिसकी मरम्मत कार्य के लिए कहीं से भी सड़क खोद कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। मरम्मत करते समय निर्माता कंपनी ने सूचना बोर्ड नहीं लगाया। जिसके कारण हादसे का अंदेशा बना रहता है।
ओवर ब्रिज पर नहीं है लाइट
फोरलेन ब्रिज पर ठेकेदार को लाइट लगाना था, लेकिन बरेली तक कहीं पर भी लाइट नहीं लगाई। जिससे वाहन चालकों को अंधेरा होने के साथ खतरे का अंदेशा लगा रहता है। कुछ दिन पूर्व अपने मामा की शादी में संदीप अहिरवार अपनी मां मायावती उम्र 45 वर्ष व छोटी बहन रश्मि वाई के साथ मोटर साइकल से जा रहा था। तभी नारदखेड़ा के समीप तेज रफ्तार से निकल रहे डंपर ने टक्कर मार दी। जिसमें मां बेटी को हाथ पैर व सिर में गंभीर चोंट आई। वहीं बाइक चालक संदीप अहिरवार भी बुरी तरह से घायल हो गया था। टक्कर मारने के बाद डंपर चालक मौके से भाग गया था।
मोटी-मोटी दरारें पड़ चुकी है
उक्त सड़क को सीमेंट कांक्रीट से बनाया है, मगर बीच में मोटी और लंबी दरारें नजर आ रही। जिससे आए दिन वाहन उसमें फंसकर र्दुघटनाग्रस्त हो रहे। जिसकी शिकायत तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक की गई, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ हासिल नहीं हो पाया। पिछले माह करीब आठ दुर्घटना हुई है। जिसमें अधिकतर घटनाएं पीछे से वाहन में घुसने से हुई है।
इनका कहना
सड़क पर पड़ी दरारों की जानकारी मिली है, संबंधित ठेकेदार से उन्हें दुरुस्त करवाता हूं।
एमएस रिजवी, जीएम एमपीआरडीसी भोपाल।