
सुल्तानगंज. कस्बा और आसपास के जंगलों में तेजी के साथ पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे जंगल में हरे-भरे पेड़ों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। पेड़ों की कटाई के कारण वन परिक्षेत्र कम होता जा रहा है। 10 साल पहले जंगल हरे-भरे हुआ करते थे। मगर अब वन क्षेत्र में कमी आती जा रही है। बीते दिनों देवलापुर ग्राम के जंगल में वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा पेड़ काटने का मामला सामने आया था। तब वन रेंजर जितेंद्र सिंह तोमर ने लकड़ी चोरों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। बावजूद इसके जंगल की कटाई पर वन विभाग रोक लगाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। सुल्तानगंज सहायक वन परिक्षेत्र के ग्राम खजुरिया गुसांई, केशलोन, देवलापुर, सुल्तानगंज, मडिंया गुसांई, घानाकला, उमरहारी, मरखेड़ा गुलाब आदि दर्जनों ग्रामों के आसपास के जंगलों से कीमती सागौन सहित अन्य पेड़ों की कटाई लगातार की जा रही है।
दरअसल सुल्तानगंज सहायक वन परिक्षेत्र के जंगल में सागौन के पेड़ की संख्या अधिक बताई जाती है। इसीलिए सागौन की लकड़ी के फ र्नीचर की मांग के चलते माफि या कटाई की ताक में रहते है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो वन विभाग के संरक्षण में लकड़ी माफि या पनप रहा है। पिछले कई दिन से जंगल में पेड़ों की कटाई चल रही है।
पौधरोपण पर खर्च होते लाखों रुपए
क्षेत्र के जंगलों में पौधरोपण के लिए वन विभाग अधिकारियों को लक्ष्य दिया जाता है। वहीं अधिकारी पौधारोपण में लाखों रुपए खर्च कर पौधे रोपते हैं, लेकिन उनकी देखरेख और सुरक्षा को लेकर ध्यान नहीं दिया जाता। इसके साथ ही वन क्षेत्र की देखरेख वन विभाग द्वारा की जाए तो जंगल को काफी हद तक बचाया जा सकता है।
वन क्षेत्र में नहीं थम रहा अवैध उत्खनन
पेड़ों के अलावा वन क्षेत्र में मुरम व पत्थर उत्खनन का काम भी किया जा रहा है। सड़क निर्माण में मुरम, पत्थर का उपयोग किया जा रहा है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी इसकी खोजबीन नहीं करते कि मुरम, पत्थर कहां से आ रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध खुदाई कर तालाब बना दिए गए।
-जिन ग्रामों के जंगलों में अवैध कटाई की गई है, वहां पर रेंजर को निर्देशित टीम बनवा कर जांच करवाई जाएगी।
-राजेश खरे, डीएफओ वन मंडल रायसेन।