2 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

FIR के चंद घंटे बाद ही आया वीडियो कॉल, मंडीदीप में बेटी की तलाश में तड़प रही मां से वर्दी दिखाकर ठगी

Cyber Fraud : ठग ने ई-कॉप एप का इस्तेमाल कर एफआइआर की जानकारी हासिल की। इसी जानकारी के आधार पर पीड़ित महिला से ठगी की वारदात की गई।
3 min read
Google source verification
Cyber Fraud

Cyber Fraud (बेटी की तलाश में तड़प रही मां से वर्दी दिखाकर ठगी Photo Source- Patrika)

Raisen News :मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ये डिजिटल जालसाज हर रोज नए न तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर पुलिस किसी एक तरीके से लोगों को सतर्क रहने की अपील करती है तो ये चालाक जालसाज किसी नए तरीके से ठगी की वारदात को अंजाम दे गुजरते हैं। इसी बीच राजसेन जिले के मंडीदीप से ठगी की एक ऐसी वारदात से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान करके रख दिया है। बता दें कि, शहर में बेटी के लापता होने के बाद उसकी तलाश में बदहवास घूम रही एक मां के साथ पुलिस बनकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है।

दरअसल, 29 जून को मंडीदीप थाने में एक मां ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। एफआइआर दर्ज हुए कुछ ही घंटे बीते थे कि, महिला के मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स दिखाई दे रहा था। मां के दिल में उम्मीद जागी कि, शायद पुलिस को बेटी मिल गई है। वीडियो कॉल करने वाले 'फर्जी पुलिसवाले' ने दावा किया कि, वो बच्ची को ढूंढ रहा है, लेकिन इसके लिए कुछ पैसों की जरूरत पड़ेगी। बेटी को वापस पाने की चाह में मां ने बिना सोचे - समझे दिए गए नंबर पर तुरंत डिमांड के अनुसार, 3 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।

दोबारा पैसे मांगे तो मां को शक हुआ

24 घंटे बाद महिला के फोन पर वो वीडियो कॉल दोबारा आया, जिसमें पैसों की डिमांड की गई। इस बार रकम ज्यादा थी, जिसपर पीड़ित महिला को शक हुआ तो परिवार ने संबंधित थाने में संपर्क किया, तब जाकर उनके साथ हुई ठगी का खुलासा हुआ।

बदमाश बोले- लड़की मिल गई- पैसे दो

पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र से 16 साल की एक किशोरी लापता हैं, जिसकी मां की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उन्हें हिम्मत दिलाते हुए जल्दद से जल्द तलाश करने का भरोसा दिलाया गया था। लेकिन, शिकायत दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही साइबर क्रिमिनल ने उन्हें बच्ची को ढूंढने का झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, पहले उनसे बच्ची को ढूंढने के एवज में 3 हजार रुपए ठगे गए। इस पर भी आरोपियों ने बस नहीं किया अगले दिन दोबारा वीडियो कॉल कर लड़की के मिलने का दावा करते हुए फिर से पैसों की डिमांड की गई। इसपर महिला को शक हुआ तो उन्होंने थाने आकर जानकारी ली, तब मामले का खुलासा हुआ।

FIR में दर्ज होती है फरियादी की पूरी जानकारी

प्रथम दृष्टया ठगी का ये मामला पुलिस के ई-कॉप एप के माध्यम से किए जाने का संदेह है। दरअसल, पुलिस विभाग द्वारा बनाए गए इस ऐप पर कोई भी व्यक्ति प्रदेश के किसी भी थाने में दर्ज एफआइआर को आसानी से देख सकता है, शिकायतकर्ता का नाम, पता और पूरा विवरण उपलब्ध होता है। माना जा रहा है कि ठगों ने इसी सार्वजनिक जानकारी का दुरुपयोग कर महिला से पैसे वसूले। जब इसकी शिकायत मंडीदीप थाने आई तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। महिला ने पुलिस को बताया कि वीडियो कॉल करने वाला वर्दी में था। इसलिए उसने भरोसा कर लिया था। दूसरी बार भी रुपए के इंतजम कर लिए थे, लेकिन बच्ची के मिल जाने की बात कहे जाने पर पैसे ऐसे मांगे जा रहे थे जैसे फिरौती हो तो संदेह हुआ।

पुलिस की भूमिका

मंडीदीप थाना पुलिस ने इस मामले को भी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रंजीत सराठे का कहना है कि, साइबर ठग अब एफआइआर की सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल कर लोगों की भावनाओं से खेलकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है।