लोगों में अभी भी शुक्रवार रात हुए झगड़े और उसमें हुई फायरिंग, मारपीट उपद्रव का डर
रायसेन/सिलवानी. तहसील के ग्राम खमरिया में शुक्रवार रात हुए साम्प्रदायिक झगड़े के बाद से गांव में सन्नाटा है, जैसे कफ्र्यू लगा हो। गांव को सड़कों, गलियों में पुलिस के अलावा कोई और दिखाई नहीं दे रहा है। रविवार को कुछ फर्नीचर दुकानों से अवैध फर्नीचर जब्त करने के अलावा क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी देने से अधिकारी बचते रहे। फायरिंग और पथराव सहित हथियारों से हमला करने वाले 16 लोगों पर शनिवार को प्रकरण दर्ज किए गए थे, जिनमें से 13 को गिरफ्तार कर लिया था, बाकी तीन को गिरफ्तार किया या नहीं इसकी पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। सूत्रों के मुताबिक दो और आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी मिल रही है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। रविवार को प्रशासन ने क्षेत्र में माहौल बदलने के लिहाज से खमरिया के नजदीकी ग्राम चैनपुर में समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया। ऐसा इसीलिए कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर और निराकरण कर उन्हें कुछ राहत दी जा सके।
अवैध फर्नीचर जब्त
डीएफओ अजय पांडे, एडीओ पीके रजक एवं जिला प्रशासन, पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से ग्राम खमरिया में 03 फर्नीचर दुकानों की जांच की गई, जिसमें लगभग 10 घमी सागौन चिरान एवं बना फर्नीचर वन विभाग ने अभिरक्षा में लिया। प्रकरण में फर्नीचर निर्माताओं के द्वारा डिपो गैरतपुर से खरीदी गई वनोपज की टीपी एवं स्टाक पंजी से मिलान किया जा रहा है। जांच के बाद संबंधित फर्नीचर निर्माताओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
शिविर लगाकर सुनी समस्याएं, दी समझाइश
खमरिया के नजदीकी ग्राम चैनपुर में शिविर का आयोजन किया गया। इसमें अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए समझाया कि प्रशासन सबके साथ है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा रही है, किसी को भी भयभीत होने की जरूरत नहीं है। अरविंद कुमार दुबे, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार शहवाल, डीएफओ अजय पांडेय तथा जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा की उपस्थिति में लोक कल्याण शिविर तथा स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए उनका निराकरण किया। साथ ही ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। 44 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और 21 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
कई घरों में लटके ताले
जानकारी के अनुसार ग्राम खमरिया में इस कदर सन्नाटा है कि रविवार को गांव के लोग घरों से बाहर नहीं निकले। यहां तक कि कुछ परिवार घरों में ताला डालकर कहीं अन्य गांव चले गए हैं। लोगों में अभी भी शुक्रवार रात हुए झगड़े और उसमें हुई फायरिंग, मारपीट उपद्रव का डर भर गया है।
नेताओं के दौरे शुरू
घटना के बाद शनिवार रात विधायक रामपाल सिंह खमरिया पहुंचे थे, रविवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बलवीर सिंह तोमर ने पीडि़तों मुलाकात की। उन्होंने मांग की है कि मृत राजू के परिवार को एक करोड़ रुपए एवं परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी तथा घायलों को पांच-पांच लाख रुपए दिए जाएं।