राजगढ़

25 साल का इंतजार खत्म हो रहा, 120 की रफ्तार से नरसिंहगढ़ पहुंची ट्रेन, नजारा देखने स्टेशन पर उमड़ी भीड़

Narsinghgarh Rail Line : सोनकच्छ-नरसिंहगढ़ के 13 किमी रेलखंड पर सीआरएस ने किया निरीक्षण, 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल रहा स्पीड ट्रायल। दिसंबर तक कुरावर तक रेललाइन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
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Updated: 3 Nov 2026, 8:08 PM IST
Narsinghgarh Rail Line
120 कि.मी की रफ्तार से नरसिंहगढ़ पहुंची सीआरएस स्पेशल (फोटो सोर्स: Patrika)

Rajgarh News : करीब 25 साल से रेल का इंतजार कर रहे मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले नरसिंहगढ़ वासियों के लिए मंगलवार का दिन खास उत्साह लेकर आया। सोनकच्छ से नरसिंहगढ़ तक नई रेललाइन पर सीआरएस स्पेशल ट्रेन 120 कि.मी प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंची। ट्रेन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पर जमा हो गए। नए रेलखंड पर पहली बार ट्रेन पहुंचने के साथ ही इलाके में रेल कनेक्टिविटी की उम्मीद और मजबूत हुई है।

रामगंजमंडी-ब्यावरा-भोपाल नई रेललाइन परियोजना के तहत मंगलवार को सोनकच्छ-नरसिंहगढ़ के बीच बने 13 कि.मी रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), मध्य सर्किल गुर प्रकाश सिंह ने निरीक्षण किया। इससे पहले सोनकच्छ और नरसिंहगढ़ स्टेशन यार्ड का जायजा लिया गया। इसके बाद मोटर ट्रॉली से रेलपथ, पुल-पुलिया, समपार फाटक, सिग्नल और दूरसंचार व्यवस्था समेत अन्य तकनीकी सुविधाओं का निरीक्षण किया।

120 की रफ्तार से दौड़ी ट्रैन

सुरक्षा और तकनीकी गुणवत्ता की जांच के बाद इस रेलखंड पर अधिकतम 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया गया, जो सफल रहा। निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों ने रेलखंड की यात्री और मालगाड़ी संचालन के लिहाज से उपयुक्तता का परीक्षण भी किया। स्थानीय स्तर पर स्टेशन पर हवन-पूजन और पौधरोपण किया गया। पहली ट्रेन के पहुंचने पर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

89 कि.मी रेललाइन का काम पूरा, 22 किमी बाकी

276 किमी लंबी रामगंजमंडी-भोपाल रेललाइन परियोजना में कुल 27 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसमें भोपाल मंडल के हिस्से में निशातपुरा डी केबिन से ब्यावरा तक 111 किमी रेललाइन आती है, जबकि ब्यावरा से रामगंजमंडी की ओर 165 कि.मी हिस्सा कोटा मंडल के अंतर्गत है। सोनकच्छ-नरसिंहगढ़ खंड के निरीक्षण के साथ भोपाल मंडल में अब तक 89 किमी रेललाइन का काम पूरा हो चुका है। नरसिंहगढ़ से कुरावर के बीच शेष 22 कि.मी रेलखंड को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

42 कि.मी कम होगा सफर

नई रेललाइन से मध्य प्रदेश और राजस्थान के भोपाल, सीहोर, राजगढ़, झालावाड़ और कोटा जिले जुड़ेगे। मौजूदा ब्यावरा-झालावाड़ मार्ग की तुलना में नया रेलमार्ग करीब 42 किमी छोटा होगा। इससे यात्रियों को लगभग तीन घंटे के समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी। निरीक्षण के दौरान भोपाल मंडल के डीआरएम पंकज त्यागी, मुख्य परियोजना प्रबंधक पंकज स्वैन, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एमएस हाशमी, उप मुख्य अभियंता (निर्माण) मोहम्मद वसीम सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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3 Nov 2026, 8:08 PM IST
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