राजगढ़

14 साल की पीड़िता के बयान बने आधार, राजगढ़ में जिंदगीभर जेल में दिन-रात काटेगा आरोपी

life imprisonment for rapist: अगस्त 2025 में सुठालिया क्षेत्र में सामने आए पॉस्को एक्ट के मामले में एडीजे कोर्ट ब्यावरा ने सुनाया अहम फैसला
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Jul 09, 2026
rape case: आरोपी को उम्रकैद (Photo Source - Patrika)
rape case: आरोपी को उम्रकैद (Photo Source - Patrika)

Rajghar news:एमपी के राजगढ़ जिले में नाबालिग को अगवाकर दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद और 30 हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। एडीजे रजनी प्रकाश बाथम की अदालत ने आरोपी अल्फेज पुत्र अफजल खान निवासी नट मोहल्ला सुठालिया को यह सजा सुनाई है। खास बात यह है कि, डीएनए रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी अदालत ने पीड़िता के वीडियो-बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार पाते हुए यह सजा सुनाई है।

मामले में शासन की ओर से पैरवी करने वाली एडीपीओ डॉली गुप्ता के अनुसार, बीती 4 अगस्त 2025 को फरियादी ने सुठालिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि, उनकी 14 वर्षीय (नाबालिग) बेटी बगैर बताए कहीं चली गई है। अल्फेज खान पर बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने का संदेह जाहिर किया था।

किसी को बताने पर जान से खत्म करने की धमकी

पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़ता को बरामद कर संदेही को हिरासत में लिया था। पीड़िता ने वीडियोग्राफी बयान दिया दिया था कि आरोपी उसे फोन लगाता था। एक दिन अकेली देखकर आरोपी ने उसके घर पहुंचकर शादी का भरोसा दिलाया फिर जबरजस्ती दुष्कर्म किया। साथ ही यह बात किसी को बताने पर माता- पिता को जान से खत्म करने की धमकी दी थी। डर की वजह से पीड़िता ने किसी को कुछ बताया नहीं। घटना दिनांक को आरोपी बाइक से पाड़िता के घर गया और शादी करने का झांसा देकर उसे बाइक पर बिठाकर ले गया था।

पुलिस ने बयानों के अधार पर 64(2) एम, 65(1), 332(बी) बीएनएस 3/4, 5/6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई। जांच पूरी कर केस डायरी अदालत में पेश की। सुनवाई के दौरान तमाम गवाह व सबूतों और अभियोजन पक्ष की दलीलों से सहमत हुए आरोपी अल्फेज खान को धारा 332(बी), बीएनएस में 10 साल कठिन कारावास व 10 हजार, धारा 65(1), बीएनएस में उम्रकैद व 10 हजार और धारा 5(एल)/6 पॉस्को एक्ट में उम्रकैद व 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।

डीएनए रिपोर्ट निगेटिव, वीडियोग्राफी बयान बने सजा का आधार

सुनवाई के दौरान अदालत में बरामदगी के तुरंत बाद एसआइ पूजा राठौर द्वारा लिए गए पीड़िता के वीडियोग्राफी बयानों की रेकॉर्डिंग कोर्ट में चलाकर दिखाई गई। वहीं पीड़िता ने भी अदालत में वही बयान दिए जो वीडियोग्राफी में दिए थे। अदालत ने माना कि आरोपी ने पीड़िता से रिपोर्ट करने के काफी पहले शारीरिक संबंध बनाए थे। बचाव पक्ष ने अपने इस तथ्य पर बार बार जोर दिया कि, डीएनए रिपोर्ट निगेटिव है, जिसका फायदा आरोपी को दिया जाना चाहिए, लेकिन अदालत ने पीड़िता के बयानों की वीडियोग्राफी के आधार पर आरोपी को दोषी माना।

झूठा फंसाने का बचाव भी काम नहीं आया

बचाव पक्ष ने अदालत में यह भी तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है लेकिन आरोपी पक्ष अदालत के सामने ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर सका कि, जिनसे यह साबित हो सके कि, आरोपी के खिलाफ पीड़िता पक्ष ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है।

Updated on:
09 Jul 2026 05:45 pm
Published on:
09 Jul 2026 05:45 pm