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120 मिनट तक जमीन पर तड़पती रही सीमा, सबको लगा काम कर रही, ‘कोबरा’ ने डसा, ब्यावरा में मौत

Snake bite: पूरे मध्यप्रदेश में मानसून सीजन आने के बाद लगातार सर्पदंश के मामले सामने आ रहे है। सांप काटने के बाद तुरंत उपचार न मिलने के कारण लोगों की मैत हो रही है।
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Snake bite: सीमा की सांप के काटने से मौत (Photo Source - Patrika)

Snake bite: सीमा की सांप के काटने से मौत (Photo Source - Patrika)

Snake bite in mp:मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में एक महिला की खेत पर सांप के काटने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि महिला अकेली ही दोपहर करीब तीन बजे घर से खेत पर सोयाबीन देखने गई थी। लेकिन वापस नहीं लौटी। किसी अंजान व्यक्ति ने महिला के घर पर आकर परिजनों को सूचना दी कि महिला खेत पर पड़ी है।

इसके बाद परिजन खेत पहुंचे तो देखकर डर गए। महिला को सांप ने काटा था और वो बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी। इसके बाद परिजन महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि महिला का एक बेटा और बेटी है, ऐसे में उनके जाने से घर अब सूना हो गया। महिला की मौत से परिजन सदमे में है।

120 मिनट तक तड़पती रही, कोबरा ने डसा था...

बताया जा रहा है कि ब्यावरा के करनवास थाना क्षेत्र के ग्राम पुनरखेड़ी में सीमा पिता दयाल सिंह यादव (35 वर्ष) अपने खेत में सोयाबीन की बोवनी के कार्य में लगी हुई थीं। बीते कई दिनों से खरीफ सीजन की तैयारियों के चलते किसान परिवार खेतों में पूरा-पूरा दिन काम करते रहते है। इसी दौरान खेत में छिपे एक जहरीले कोबरा सांप ने अचानक काम कर रही सीमा को डस लिया। सांप के जहर का असर तेजी से फैला और वह खेत में ही अचेत होकर गिर गईं। आसपास के लोग अपने काम में व्यस्त रहे। किसी को पता ही नहीं चला कि सीमा गिर गई है। वो लगभग दो घंटे (120 मिनट) तक वहीं पड़ी रही। परिवार वालों और गांव वालों दोनों को ही इस घटना की जानकारी नहीं मिली।

जब सीमा लंबे समय तक घर नहीं लौटीं, तो उनकी तलाश शुरू की गई। किसी अनजान व्यक्ति ने अचानक घर पर आकर बताया कि सीमा खेत में बेहोशी की हालत में पड़ी है। घर वालों ने तत्काल उसे उठाकर उपचार के लिए सिविल अस्पताल ब्यावरा पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर करनवास थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

एमपी में लगातार आ रहा सांप काटने के मामले

केस-1: जानकारी के लिए बता दें कि मानसून का मौसम आते ही मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगातार सांप के काटने की खबरें आ रही है। बीते दिनों पहले ही राजगढ़ जिले के समीपस्थ गांव मांडाखेड़ा में घर के आंगन में खेल रहे एक पांच साल के मासूम को सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन उसे बजाए अस्पताल ले जाने के तीन घंटे तक झाड़फूंक करते रहे। जब तक उसे अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

केस-2: दूसरे मामले में राजगढ़ जिले के ब्यावरा तहसील के गांगाहोनी गांव में रात के समय सांप के काटने से 40 वर्षीय निजी स्कूल संचालक की मौत हो गई। समय पर उपचार नहीं मिलने और झाड़फूंक में समय गंवाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जहरीला सांप स्कूल संचालक के घर के किचन में काल बनकर बैठा था और रात 12 बजे जब दूध का बर्तन रखने के लिए स्कूल संचालक किचिन में पहुंचे तो सांप ने उन्हें काट लिया।

केस-3: तीसरे मामले में गुना में खेत पर मजदूरी कर रहे एक युवक की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। मृतक की पहचान राजू आदिवासी निवासी गोकलसिंह का चक्क, मोतीपुरा प्लांट के रूप में हुई है। भाई भानू आदिवासी ने बताया कि राजू ढीमरपुरा क्षेत्र में हरवाई और खेतिहर मजदूरी करता था। शाम करीब 4 बजे वह कालूराम के खेत पर चारा काट रहा था। तभी जहरीले सांप ने उसे डस लिया। घटना के बाद खेत मालिक और आसपास के लोग उसे तत्काल गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों को रात करीब 8 बजे घटना की सूचना मिली। तब तक डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया था, लेकिन जहर फैलने से रात में ही राजू ने दम तोड़ दिया।

सांप काटे तो अपनाएं से सलाह

-मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
-काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं।
-तुरंत अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
-घाव को काटने, चूसने या उस पर कोई रसायन लगाने से बचें।
-रस्सी या कपड़े से अंग को कसकर न बांधें।

जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

सर्पदंश के मामलों में झाड़फूंक का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मरीज को जितनी जल्दी चिकित्सकीय उपचार मिलेगा, उसके बचने की संभावना उतनी अधिक होगी। एंटी स्नेक वेनम ही विषैले सांप के काटने का प्रभावी उपचार है। इसलिए सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास से दूर रहें और तत्काल चिकित्सा सहायता लें। यही सतर्कता जीवन बचा सकती है। -डॉ. आनंद दांगी, शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, राजगढ़